सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे होने पर चित्तौड़गढ़ में साइबर सुरक्षा पर महामंथन
चित्तौड़गढ़ में साइबर सुरक्षा पर हुई विशेष कार्यशाला, जानें कैसे हो रही है ऑनलाइन धोखाधड़ी और क्या हैं इससे बचने के अचूक उपाय। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
केशव माधव सभागार में अरबन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण कार्यशाला में उपस्थित अधिकारी और गणमान्य नागरिक।
चित्तौड़गढ़ में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के सफलतम 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे देशव्यापी सहकार सप्ताह के तहत अरबन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा केशव माधव सभागार में एक वृहद् जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। साइबर सुरक्षा एवं डिजीटल सशक्तिकरण विषय पर आधारित इस कार्यशाला में बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते साइबर खतरों और तकनीकी सहकारिता के विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार संजय शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना पासवर्ड साझा करना वित्तीय आत्महत्या करने के समान है। उन्होंने कंप्यूटर या मोबाइल पर आने वाले किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक को न खोलने की सख्त हिदायत दी और स्पष्ट किया कि सतर्कता ही साइबर फ्रॉड से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए बैंक अध्यक्ष डॉ. आई.एम. सेठिया ने डिजिटल बैंकिंग के युग में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में तकनीक ने हमारी सुविधा तो बढ़ाई है लेकिन साथ ही सुरक्षा को लेकर बड़ी चुनौतियां भी पेश की हैं। एक जिम्मेदार वित्तीय संस्था के रूप में उपभोक्ताओं की गाढ़ी कमाई और संस्था के डेटा को अभेद्य रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान पंकज जैन एवं उम्मेद सिंह यादव ने वर्तमान में सक्रिय एडवांस साइबर फ्रॉड के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनियों, गेमिंग ऐप्स, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, व्हाट्सएप और वीडियो ब्लैकमेलिंग के साथ-साथ ई-मेल फिशिंग जैसी जटिल कूटनीतियों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से मोबाइल और पर्सनल डेटा को सुरक्षित रखने की तकनीकें भी समझाईं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नानालाल चावला, भूमि विकास बैंक सचिव सुनील व्यास, अरबन बैंक निदेशक राधेश्यामा आमेरिया, बाबरमल मीणा, एवं बैंक की प्रबंध निदेशक डॉ. वंदना वजीरानी ने भी ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव हेतु वित्तीय साक्षरता को अनिवार्य बताया। इस कार्यशाला में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े महाप्रबंधक जे.पी. जोशी, ऋषभ सुराणा, पुष्पा देवी सुहालका, श्रीकान्त शर्मा, राजेश शर्मा, पदमकुमार पोखरना, रतन लाल पोखरना, सत्यनारायण चेचाणी, रतनलाल बोहरा, कल्याणमल आगाल, गोविन्द सोनी, पंकज सुराणा, उम्मेद यादव, पृथ्वीराज जाट, देवी सिंह राव, कैलाश चन्द्र देवडा, जोगेन्द्र सिंह होडा, विष्णु प्रसाद, सुधीन्द्र कुमार, ब्रजेश कुमावत, मूल सिंह भाटी, सीताराम जाट, ओमप्रकाश चुलेट, महिपाल सिंह भाटी, मधु नुवाल, राजेन्द्र सिंह, गुलाम सादिक, मांगीलाल लौहार तथा तेजपाल रेगर सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।