चित्तौड़गढ़ में निरीक्षण के दौरान राजकीय गृह के बच्चों को उपहार भेंट कर संवाद करतीं जिला कलक्टर डॉ. मंजू।

चित्तौड़गढ़ में जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने मंगलवार को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, किशोर गृह एवं शिशु गृह का निरीक्षण कर बच्चों की देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान शिशु गृह में आवासित एक शिशु बालिका को भावी दत्तक माता-पिता को सुपुर्द किया गया। बालिका को पाकर दत्तक माता-पिता भावुक हो गए और उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी।

जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने दत्तक माता-पिता को शिशु की उचित देखभाल करने तथा उसे स्नेहपूर्ण और सुरक्षित पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शिशु गृह में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए शिशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच तथा समय-समय पर आवश्यक टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शिशुओं की देखभाल, आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और केयरटेकर द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की।

राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में जिला कलक्टर ने आवासित प्रत्येक बालक से संवाद किया और उन्हें शिक्षा से जुड़ने तथा अपने और अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बाल अधिकारिता विभाग एवं शिक्षा विभाग के माध्यम से संचालित शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा की। बच्चों के लिए चलाए जा रहे पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी लेते हुए उन्होंने नियमित काउंसलिंग कराने और बच्चों की रुचि के अनुरूप अन्य कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए।

डॉ. मंजू ने किशोर गृह में आवासित बच्चों के विद्यालयों में नियमित अध्ययन की जानकारी भी ली। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को बच्चों की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने फोस्टर केयर योजना की समीक्षा करते हुए बच्चों की काउंसलिंग कराने और उन्हें पारिवारिक वातावरण में समायोजित करने की दिशा में आवश्यक प्रयास करने को कहा। उन्होंने गृह में आवासित सभी बच्चों को उपहार भी भेंट किए।

निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग ओम प्रकाश तोषनीवाल, एएनएम मंजू चौधरी, छात्रावास अधीक्षक दीपक यादव, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक नवीन काकड़दा, काउंसलर शानु टेलर तथा विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी के समन्वयक शंकर रेगर सहित संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, सुरक्षित पारिवारिक वातावरण और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

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