बड़ी सादड़ी बाजार में करवा चौथ के लिए मिट्टी के करवे बेचती महिला दिखाई दे रही है।   

बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र में करवा चौथ के व्रत को लेकर सुहागन महिलाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्व से पहले बाजारों में करवा और पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। महिलाएं व्रत की तैयारियों के लिए बाजार पहुंचकर मिट्टी के करवे, पूजन सामग्री और नए परिधानों की खरीदारी कर रही हैं।

सनातन संस्कृति में करवा चौथ का विशेष महत्व है। इस दिन सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु और सात जन्मों तक वही पति मिलने की कामना के साथ व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं। महिलाएं चंद्रमा के दर्शन के साथ छलनी में अपने पति का चेहरा देखकर व्रत का पारायण करती हैं।

यह पर्व बुधवार को मनाया जाएगा। महिलाएं एक दिन पहले ही बाजार से पूजन सामग्री और मिट्टी से बने बर्तन खरीद रही हैं, जिन्हें करवा कहा जाता है। इसके साथ ही नए परिधान खरीदने और हाथों में मेहंदी सजाने की तैयारियां भी चल रही हैं। महिलाएं चतुर्थी तिथि को सूर्योदय के साथ निराहार व्रत करती हैं।

रात्रि के पहले प्रहर के पूर्ण होने पर लगभग रात 10 बजे चंद्रोदय के साथ व्रत पारायण की परंपरा निभाई जाएगी। इस दौरान महिलाएं चंद्रमा के दर्शन कर छलनी में अपने पति का चेहरा देखेंगी और इसके बाद व्रत खोलेंगी।

करवा चौथ की पूजा के लिए 56 प्रकार की सामग्री एकत्रित की जाती है। सभी आवश्यक सामग्री एक ही जगह उपलब्ध हो सके, इसके लिए बाजारों में दुकानें सजाई गई हैं। पर्व को लेकर बड़ी सादड़ी के बाजारों में खरीदारी का माहौल है और सुहागन महिलाएं व्रत से जुड़ी तैयारियों में जुटी हैं।

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