बस्सी टुकड़ा डेम की नहर पर खनन का आरोप, 5 हजार ट्रॉली मिट्टी बेचने की शिकायत
बस्सी टुकड़ा डेम की नहर से कथित खनन कर 5 हजार ट्रॉली मिट्टी बेचने का आरोप, किसानों ने कलक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग की।
तस्वीर में चित्तौड़गढ़ जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर नहर से अवैध खनन की शिकायत को लेकर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण किसान दिखाई दे रहे हैं।
टुकड़ा डेम बस्सी से मेघपुरा होते हुए पिपलिया खुर्द तक जाने वाली नहर को लेकर किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलक्टर को शिकायत सौंपी है। किसानों का आरोप है कि नहर के आसपास खनन कर मिट्टी निकाली जा रही है और उसे बेच दिया गया है, जिससे नहर की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
शिकायत में बताया गया कि कंजर बस्ती के समीप नाले के पास कथित रूप से खनन कर नहर के सहारे करीब 500 मीटर हिस्से से मिट्टी निकाली गई। किसानों के अनुसार यहां से लगभग 5 हजार ट्रॉली मिट्टी निकालकर बेच दी गई। उनका आरोप है कि मिट्टी हटाए जाने के कारण नहर का करीब 15 मीटर हिस्सा पानी के बहाव से प्रभावित होकर नष्ट हो गया है। वहीं, नहर के बाकी हिस्से से भी मिट्टी हटाए जाने के चलते उसके टूटने की आशंका बनी हुई है।
किसानों ने बताया कि यदि नहर क्षतिग्रस्त होती है तो सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और करीब 1000 हेक्टेयर भूमि में खड़ी फसल पर संकट आ सकता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मामले की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
किसानों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, कथित खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने तथा नहर को जल्द से जल्द दुरुस्त करवाने की मांग की है, ताकि किसानों की फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
चारों तरफ अवैध खनन, फिर भी जिम्मेदार लापरवाह
चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी सहित आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से भूमाफिया द्वारा अवैध तरीके से चरनोट, बिलानाम एवं सरकारी जमीनों से बड़ी मात्रा में मिट्टी निकालकर रातोंरात बेचे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। किसानों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि माफियाओं को अधिकारियों का कोई डर नहीं है। बार-बार शिकायत मिलने और जिला स्तर पर ज्ञापन देने के बावजूद जमीनों को खोदा जा रहा है।
शिकायत में सफेदपोश नेताओं की शह एवं अधिकारियों से सेटिंग होने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इस कारोबार को माफिया जमकर फैला रहे हैं। बस्सी पुलिस क्वार्टर के पीछे, तहसील के आसपास, शिवसागर तालाब, मोक्षधाम के पास, देव तलाई के आसपास, बेरी रोड, पाल रोड, कृषि कॉलेज के पास सहित अन्य जगहों पर रातोंरात जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर बड़ी मात्रा में मिट्टी निकालकर बेचने के आरोप हैं।
अब किसानों का आरोप है कि माफियाओं ने डेम की नहर को भी नहीं छोड़ा। डेम की सीमा से मिट्टी निकाले जाने से किसान चिंतित हैं और बार-बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कथित माफियाओं पर कार्रवाई करने तथा जेसीबी और ट्रैक्टरों को जब्त करने की मांग कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अवैध खनन का कारोबार जारी है। अब देखना है कि चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करता है या नहर और सरकारी जमीनों से मिट्टी निकालने का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है। क्षेत्रवासी अब जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए कह रहे हैं—जागो जिम्मेदार, जागो।