बड़ी सादड़ी में 241वीं भव्य रामधुन का आयोजन, बालक शिवाय के जन्मदिवस पर संत अनंत राम जी महाराज का प्रेरक संदेश

बड़ी सादड़ी में 241वीं रामधुन के दौरान संत अनंत राम जी महाराज ने सनातन संस्कारों का संदेश दिया। बांगड़ परिवार के यहां हुए आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

Update: 2026-08-03 13:31 GMT

तस्वीर में बड़ी सादड़ी की एक सड़क पर आयोजित रामधुन कार्यक्रम के दौरान हाथ उठाकर जयकारे लगाते हुए बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।

बड़ी सादड़ी में श्री सिद्ध पंचमुखी बालाजी सेवा संस्थान की ओर से प्रत्येक रविवार आयोजित होने वाली रामधुन की श्रृंखला के तहत 241वीं रामधुन का आयोजन भव्य रूप से किया गया। रामधुन आनंदधाम श्री रामद्वारा से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए बालक शिवाय के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मुरली, सुरेश, गौतम एवं अभिषेक बांगड़ के निवास स्थान पर पहुंची।

रामधुन में बड़ी संख्या में छोटे बालक, बालिकाएं, मातृशक्ति, वरिष्ठजन एवं युवा शामिल हुए। बांगड़ परिवार ने पुष्पवर्षा कर रामधुन का भव्य स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित सभी भक्तजनों ने सामूहिक रूप से विजयमंत्र एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया।

पूज्य संत श्री अनंत राम जी महाराज की उपस्थिति में बांगड़ परिवार ने भगवान की आरती की। आरती के पश्चात धर्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें अभिषेक बांगड़ ने अपने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित सभी भक्तजनों को आनंदित किया।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए अनंत राम जी महाराज ने परिवार में बालक के जन्मदिवस के अवसर पर रामधुन के आयोजन को अनुकरणीय कार्य बताया। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक रामधुन के माध्यम से बालकों में सनातन संस्कारों का जागरण हो रहा है। उन्होंने सभी से सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में प्रत्येक रविवार को रामधुन में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने रामधुन को बड़ी सादड़ी क्षेत्र के लिए मंगलकारी बताया।

संस्थान की ओर से शक्ति चरण भारद्वाज ने जेन जी द्वारा किए गए आंदोलन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार होता है। अपने हितों की रक्षा के लिए संविधान के अनुसार आंदोलन भी होते हैं, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आंदोलन देश विरोधी शक्तियों के चंगुल में न फंसे। उन्होंने कहा कि कोई भी आंदोलन भारतीय संविधान, भारत के जीवन मूल्यों और राष्ट्रीय अस्मिता से ऊपर नहीं हो सकता। इस प्रकार के आंदोलनों में राष्ट्रीय विरोधी शक्तियों के सक्रिय होने की संभावना अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी स्वामी विवेकानंद, महर्षि दयानंद, राम और कृष्ण जैसे महापुरुषों को अपना आदर्श बनाकर कोई भी कार्य करेगी तो वह निश्चित रूप से देश के लिए हितकारी और सफल रहेगा।

कार्यक्रम का संचालन अभिषेक सोनी ने किया। बालाजी संस्थान की ओर से राजेंद्र विजयवर्गीय ने बांगड़ परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुरेश जी विगत कई वर्षों से एक साधक के समान प्रातःकालीन दैनिक रामधुन का संचालन कर रहे हैं। संस्थान की ओर से सुरेश जी सहित पूरे बांगड़ परिवार का अभिवादन किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक सहभागिता का संदेश देते हुए बड़ी सादड़ी में साप्ताहिक रामधुन की परंपरा को और अधिक सशक्त बनाया।

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