चित्तौड़गढ़ की अनुष्का बाबेल ने आईएफएस परीक्षा में हासिल की 16वीं रैंक, जैन समाज ने किया स्वागत
भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 16वां स्थान प्राप्त करने वाली सेंथी निवासी अनुष्का बाबेल को तेरापंथी समाज ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
चित्तौड़गढ़ के सेंथी में भारतीय वन सेवा परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल करने वाली अनुष्का बाबेल का पहली बार गृह नगर आगमन पर श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी समाज के पदाधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस दौरान (बाएं से दाएं) सानवी सुराना, ज्योति सुराना, प्रीति बाबेल, अरविंद बाबेल, उमा सुराना, अनुष्का बाबेल, ललित सुराना, राकेश बाबेल, मुदित जैन, डॉ. अतुल खाब्या, सौरभ ढीलीवाल और तुषार सुराना उपस्थित रहे।
भारतीय वन सेवा (आईएफएस) परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 16वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली चित्तौड़गढ़ के सेंथी निवासी अनुष्का बाबेल का गृह नगर आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। सफलता का परचम लहराने के बाद पहली बार चित्तौड़गढ़ पहुंचने पर श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी समाज द्वारा अनुष्का का विशेष अभिनंदन किया गया। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने अनुष्का बाबेल को प्रशस्ति पत्र भेंट कर तथा उपरणा ओढ़ाकर उनका आत्मीय स्वागत व बहुमान किया।
उल्लेखनीय है कि अनुष्का के पिता अरविंद बाबेल बिरला सीमेंट वर्क्स में एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अनुष्का की इस गौरवमयी उपलब्धि पर आयोजित गरिमापूर्ण अभिनंदन समारोह में तेरापंथ सभा के मंत्री ललित सुराना, राकेश बाबेल, उमा सुराना, प्रीति बाबेल, ज्योति सुराना, सौरभ ढीलीवाल, मुदित जैन, तुषार सुराना, डॉ. अतुल खाब्या, शानू सुराना तथा सानवी सुराना सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए तेरापंथ सभा के मंत्री ललित सुराना ने अनुष्का की इस ऐतिहासिक सफलता को पूरे समाजजन के लिए अत्यधिक गौरवान्वित करने वाला क्षण बताया। वहीं उमा सुराना ने अनुष्का बाबेल की इस अभूतपूर्व और बड़ी उपलब्धि को समाज और देश की अन्य बेटियों के लिए एक श्रेष्ठ आदर्श एवं प्रेरणादायी संदेश करार दिया। यह गौरवपूर्ण क्षण न केवल परिवार बल्कि संपूर्ण चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है, जो महिला सशक्तीकरण और कड़े परिश्रम की अनूठी मिसाल पेश करता है।