उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का रिकॉर्ड मुनाफा 365 करोड़ रुपये पहुंचा, 409 करोड़ जुटाने को मंजूरी
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 199.9% बढ़कर रिकॉर्ड 365 करोड़ रुपये पहुंचा। जमा 50,643 करोड़ रुपये हुई और बोर्ड ने तरजीही आवंटन से 409 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी। सुरक्षित ऋण और परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज हुआ।
ज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने दूसरी तिमाही में दर्ज किया रिकॉर्ड शुद्ध लाभ।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड ने सितंबर 2026 में समाप्त वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड 365 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 199.9 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 15.3 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान बैंक की कुल जमा 29.2 प्रतिशत बढ़कर 50,643 करोड़ रुपये हो गई, जबकि कुल सकल ऋण बुक 32.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 45,699 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। बैंक के निदेशक मंडल ने तरजीही आवंटन के माध्यम से 409 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने को भी मंजूरी दी है। यह प्रक्रिया शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
बेंगलुरु में अक्टूबर 2026 में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (बीएसई: 542904, एनएसई: UJJIVANSFB) ने दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की। बैंक ने जमा, ऋण वितरण, सुरक्षित ऋण कारोबार और लाभप्रदता में वृद्धि दर्ज की। परिसंपत्ति गुणवत्ता के प्रमुख संकेतकों में भी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले सुधार हुआ।
बैंक की कुल जमा सालाना आधार पर 29.2 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 5.2 प्रतिशत बढ़कर 50,643 करोड़ रुपये हो गई। इस तरह बैंक ने पहली बार 50,000 करोड़ रुपये की जमा का आंकड़ा पार किया। चालू खाता और बचत खाता (कासा) जमा 22.2 प्रतिशत बढ़कर 13,176 करोड़ रुपये पहुंच गई, जिसकी कुल जमा में हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक की फंडिंग लागत 6.9 प्रतिशत रही, जो पिछले साल की समान अवधि से 0.4 प्रतिशत कम है। जमा पर ब्याज दरों में बदलाव के बीच बैंक ने फंडिंग लागत को इस स्तर पर बनाए रखा, हालांकि आने वाले समय में इसमें धीरे-धीरे बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। तिमाही के दौरान बैंक ने ग्राहकों के लिए एएसबीए सुविधा भी शुरू की।
ऋण कारोबार में बैंक की कुल सकल ऋण बुक सालाना आधार पर 32.1 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 45,699 करोड़ रुपये हो गई। बैंक ने तिमाही में अब तक का सर्वाधिक 10,495 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया, जो पिछले साल की समान अवधि से 32.3 प्रतिशत अधिक है। सुरक्षित ऋण पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 47 प्रतिशत बढ़कर 23,803 करोड़ रुपये पहुंच गया। कुल ऋण पोर्टफोलियो में सुरक्षित ऋणों की हिस्सेदारी बढ़कर 52.1 प्रतिशत हो गई। वहीं, माइक्रो बैंकिंग परिसंपत्तियां 22,037 करोड़ रुपये रहीं।
किफायती आवास ऋण पोर्टफोलियो में 31.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 10,056 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह बैंक ने किफायती आवास ऋण कारोबार में भी 10,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। माइक्रो मॉर्गेज पोर्टफोलियो 85.7 प्रतिशत बढ़कर 2,031 करोड़ रुपये पहुंच गया। एमएसएमई ऋण में 51.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 3,871 करोड़ रुपये रहा। गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 209.8 प्रतिशत बढ़कर 1,275 करोड़ रुपये हो गया। कृषि बैंकिंग कारोबार में 79.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ऋण पोर्टफोलियो 914 करोड़ रुपये पहुंचा, जबकि दोपहिया वाहन ऋण 64.8 प्रतिशत बढ़कर 1,081 करोड़ रुपये हो गया।
तिमाही के दौरान बैंक ने करीब 2 लाख नए ग्राहक जोड़े, जो पिछली तिमाही की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक हैं। समूह और व्यक्तिगत ऋणों की एक्स-बकेट वसूली दक्षता 99.71 प्रतिशत रही। बैंक ने इस स्तर पर वसूली प्रदर्शन बनाए रखा, जबकि जोखिमग्रस्त ऋण पोर्टफोलियो में भी सालाना आधार पर सुधार दर्ज किया गया।
सितंबर 2026 में बैंक का जोखिमग्रस्त ऋण पोर्टफोलियो (पोर्टफोलियो एट रिस्क) 3.57 प्रतिशत रहा, जबकि सितंबर 2025 में यह 4.44 प्रतिशत था। इस तरह इसमें सालाना आधार पर 88 आधार अंकों का सुधार हुआ। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (जीएनपीए) घटकर 2.10 प्रतिशत और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनएनपीए) 0.31 प्रतिशत रह गईं। पिछले साल की समान अवधि में ये क्रमशः 2.45 प्रतिशत और 0.67 प्रतिशत थीं। बैंक के अनुसार, परिसंपत्ति गुणवत्ता स्थिर रही। प्रावधान कवरेज अनुपात (पीसीआर) सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 85 प्रतिशत हो गया, जबकि तिमाही के दौरान भी यह 85 प्रतिशत रहा।
वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 35 प्रतिशत बढ़कर अब तक के सर्वोच्च तिमाही स्तर 1,244 करोड़ रुपये पहुंच गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 8.4 प्रतिशत रहा, जो सालाना आधार पर 55 आधार अंक अधिक है। लागत-आय अनुपात सुधरकर 62 प्रतिशत हो गया। इसमें सालाना आधार पर 4.9 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया। परिसंपत्तियों पर रिटर्न (आरओए) 2.4 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 1.4 प्रतिशत अधिक है। इक्विटी पर रिटर्न (आरओई) 19.7 प्रतिशत रहा, जिसमें सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 20.69 प्रतिशत रहा। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में औसत दैनिक तरलता कवरेज अनुपात (एलसीआर) 131 प्रतिशत दर्ज किया गया। बैंक ने इसे अपनी नकदी स्थिति का प्रमुख संकेतक बताया। पूंजी जुटाने की योजना के तहत निदेशक मंडल ने तरजीही निर्गम के माध्यम से 409 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी है। इसके अलावा, बैंक को डायरेक्ट असाइनमेंट के तहत 500 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हुई है। बैंक ने अक्टूबर में प्रतिभूतिकरण पूल में 500 करोड़ रुपये की वृद्धि कर अपने फंडिंग मिश्रण को बेहतर बनाने की जानकारी भी दी।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की पूर्णकालिक निदेशक एवं अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरल फुर्तादो ने कहा, “विकास की गति बनाए रखने के लिए बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन तरजीही निर्गम के जरिए 409 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने को मंजूरी दी है। इस निर्गम में इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन, बजाज लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस और आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस निवेश करेंगे। चूंकि यह पूंजी जुटाने की प्रक्रिया मौजूदा प्रति शेयर बुक वैल्यू (बीवीपीएस) से अधिक कीमत पर की जा रही है, इसलिए सितंबर 2026 तक प्रति शेयर बुक वैल्यू में करीब 0.8 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, बैंक ने अक्टूबर में प्रतिभूतिकरण पूल में 500 करोड़ रुपये की वृद्धि कर अपने फंडिंग मिश्रण को भी बेहतर बनाया है।”
कैरल फुर्तादो ने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से समय से पहले सेवानिवृत्ति के लिए श्री संजीव नौटियाल के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। प्रबंध निदेशक (एमडी) पद के उम्मीदवार का नाम नियामक के समक्ष समय पर प्रस्तुत करने के लिए नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (एनआरसी) सक्रिय रूप से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बैंक ने दूसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक 365 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इस दौरान आरओए 2.4 प्रतिशत और आरओई 19.7 प्रतिशत रहा। उनके अनुसार, इस प्रदर्शन को ऋण कारोबार के विस्तार, जमा आधार में वृद्धि, सुरक्षित परिसंपत्तियों की बढ़ती हिस्सेदारी और सभी स्तरों पर वित्तीय अनुशासन से समर्थन मिला। बैंक 2.0 प्रतिशत आरओए के अपने लक्ष्य के ऊपरी स्तर को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए बैंक वितरण नेटवर्क, प्रौद्योगिकी और ग्राहकों के साथ जुड़ाव बढ़ाने में निवेश जारी रखेगा।
बैंक ने सितंबर 2026 में पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता आर. माधवन को अपना नया ब्रांड एंबेसडर बनाते हुए विशेष ब्रांड अभियान भी शुरू किया। अभियान की टैगलाइन ‘नथिंग स्मॉल अबाउट अस’ (हमारे लिए कुछ भी छोटा नहीं) रखी गई है। बैंक के अनुसार, यह टैगलाइन उसके कारोबार के आकार, पहुंच, महत्वाकांक्षाओं और वित्तीय समाधानों की व्यापकता को दर्शाती है। अभियान टेलीविजन, प्रिंट और डिजिटल माध्यमों पर चलाया जाएगा तथा इसके करीब 35 करोड़ दर्शकों तक पहुंचने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में बैंक ने अपने वितरण नेटवर्क का विस्तार करते हुए 104 नई शाखाएं खोलीं और 1,335 कर्मचारियों की नियुक्ति की। बैंक के मुताबिक, इन कदमों का उद्देश्य संगठन की क्षमता मजबूत करना और भविष्य में विकास को गति देना है। रिकॉर्ड लाभ, 50,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा, सुरक्षित ऋण पोर्टफोलियो में बढ़ती हिस्सेदारी और प्रस्तावित 409 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश के साथ बैंक ने दूसरी तिमाही में अपने परिचालन विस्तार और वित्तीय प्रदर्शन की जानकारी दी है।