अमूल और मदर डेयरी को टक्कर देने उतरे मुकेश अंबानी: तमिलनाडु से शुरू हुआ 'जॉयलैंड' का सफर|
मुकेश अंबानी की रिलायंस ने तमिलनाडु से 20 रुपये में जॉयलैंड फ्लेवर्ड मिल्क लॉन्च कर डेयरी बाजार में कदम रखा है।
मुकेश अंबानी और रिलायंस के नए फ्लेवर्ड मिल्क उत्पाद जॉयलैंड के विभिन्न फ्लेवर।
मुकेश अंबानी की रिलायंस कंपनी ने शीतल पेय और आइसक्रीम के बाद अब डेयरी बाजार में अपना बड़ा कदम बढ़ाते हुए फ्लेवर्ड मिल्क के क्षेत्र में प्रवेश किया है। कंपनी की एफएमसीजी यूनिट रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने तमिलनाडु में 'जॉयलैंड' (Joyland) फ्लेवर्ड मिल्क लॉन्च किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय उर्फ सी जोसेफ विजय हैं। रिलायंस ने अपने इस नए उत्पाद की कीमत 20 रुपये रखी है।
बाजार में इस नए उत्पाद के आने से कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। फ्लेवर्ड मिल्क सेगमेंट में रिलायंस का सीधा मुकाबला अमूल, आईटीसी और मदर डेयरी जैसे स्थापित ब्रांडों से होगा, जो पहले से ही इस बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। जॉयलैंड फ्लेवर्ड मिल्क को शुद्ध डेयरी सामग्री से तैयार किया गया है। शुरुआती चरण में यह उत्पाद स्ट्रॉबेरी और वनीला जैसे लोकप्रिय फ्लेवर में उपलब्ध कराया गया है। कंपनी की मुख्य योजना इस प्रोडक्ट के माध्यम से रेडी-टू-ड्रिंक डेयरी बाजार में अपनी हिस्सेदारी और मौजूदगी को तेजी से बढ़ाना है।
इस नई शुरुआत को लेकर रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर टी. कृष्णकुमार ने जानकारी दी कि रेडी-टू-ड्रिंक डेयरी बाजार में कंपनी का यह प्रवेश उनके उत्पाद पोर्टफोलियो को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में एक बेहद अहम कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि इसकी शुरुआत फिलहाल तमिलनाडु से की गई है। कंपनी की आगे की योजना इसे डेयरी ड्रिंक्स की एक विस्तृत और व्यापक रेंज के रूप में विकसित करने की है, जिसे धीरे-धीरे देश के अन्य राज्यों के बाजारों तक भी पहुंचाया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, जॉयलैंड का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को किफायती कीमत पर बेहतरीन गुणवत्ता और बेहतरीन स्वाद वाली डेयरी ड्रिंक उपलब्ध कराना है। इसे ऐसे सुविधाजनक पैक में पेश किया गया है, जिसे चलते-फिरते या सफर के दौरान भी आसानी से पिया जा सके।
इससे पहले रिलायंस ने 10 रुपये की शुरुआती कीमत वाली कैम्पा सॉफ्ट ड्रिंक के जरिए कोल्ड ड्रिंक के बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश की थी, जहां उसका मुकाबला कोका-कोला और पेप्सी जैसे दिग्गज ब्रांडों से हुआ था। इसके अलावा कुछ समय पहले रिलायंस ने आइसक्रीम सेगमेंट में भी कदम रखते हुए 10 रुपये की शुरुआती कीमत वाला बॉम्बे क्रीमेरी (Bombay Creamery) लॉन्च किया था। अब जॉयलैंड के जरिए कंपनी ने दूध से बने रेडी-टू-ड्रिंक उत्पादों के बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस श्रेणी में तमाम कंपनियां पारंपरिक दूध के साथ-साथ फ्लेवर्ड मिल्क और अन्य वैल्यू-एडेड ड्रिंक्स पर विशेष ध्यान दे रही हैं, क्योंकि ग्राहकों के बीच सुविधाजनक पेय पदार्थों की मांग लगातार बढ़ रही है और इसी वजह से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी काफी तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में फ्लेवर्ड मिल्क का बाजार वर्ष 2026 में लगभग 8,360 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पहले वर्ष 2025 में इस बाजार का आकार लगभग 7,600 करोड़ रुपये और वर्ष 2021 में 4,420 करोड़ रुपये था। इस क्षेत्र में अमूल कूल, मदर डेयरी, नंदिनी, सनफीस्ट स्मूध और केविंस जैसे कई जाने-माने ब्रांड पहले से ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में जॉयलैंड के बाजार में उतरने से ग्राहकों को एक नया विकल्प मिलेगा और विभिन्न कंपनियों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा में और अधिक बढ़ोतरी होगी।
हालांकि, जॉयलैंड की कीमत 20 रुपये तय की गई है, लेकिन केवल यह कीमत अपने आप में बाजार में कोई रातों-रात बड़ा बदलाव लाने वाली नहीं मानी जा रही है, क्योंकि इस श्रेणी के कई अन्य लोकप्रिय ब्रांड भी लगभग इसी कीमत पर अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में रिलायंस के लिए इस बाजार में अपनी मजबूत जगह बनाना केवल कीमत पर ही निर्भर नहीं करेगा, बल्कि उत्पाद का स्वाद, उसकी बेहतरीन गुणवत्ता, व्यापक उपलब्धता और मजबूत वितरण नेटवर्क भी बेहद अहम साबित होंगे। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि तमिलनाडु में शुरुआत के बाद जॉयलैंड को वहां के ग्राहकों से किस प्रकार की प्रतिक्रिया मिलती है और कंपनी कितनी तेजी से इसे देश के अन्य राज्यों के बाजारों तक विस्तार देती है।