बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की इमारत और डिजिटल टिकर बोर्ड बाजार के शुरुआती कारोबार के संदर्भ में।

बुधवार के कारोबारी सत्र में आई सुस्ती और गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को एक बार फिर सकारात्मक शुरुआत करते हुए हरे निशान में कारोबार का आगाज किया। बाजार के खुलते ही निवेशकों में उत्साह देखने को मिला और प्रमुख सूचकांकों ने बढ़त दर्ज की। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 100 अंकों से अधिक के मजबूत उछाल के साथ खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक भी मजबूती दिखाते हुए 24,341.95 के स्तर पर ओपन हुआ। शुरुआती घंटियों में बाजार की चाल निवेशकों के लिए राहत भरी रही।

कारोबारी सत्र के शुरुआती पलों में सेंसेक्स के 30 में से 21 प्रमुख शेयरों में तेजी का रुख दिखाई दिया। बाजार में सबसे ज्यादा चमक कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में नजर आई, जो शुरुआती कारोबार में 1.15 फीसदी की तेजी के साथ 421 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके बाद दूसरे स्थान पर इटरनल (जोमैटो) का शेयर रहा, जिसमें 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 329.90 पर ट्रेड करता दिखा। इसके अलावा, वित्तीय और तकनीकी सेक्टर के अन्य दिग्गजों में भी लिवाली का जोर देखा गया।

शुरुआती कारोबार के दौरान जिन प्रमुख शेयरों में तेजी दर्ज की गई, उनमें बजाज फाइनेंस 0.68 फीसदी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 0.58 फीसदी, टेक महिंद्रा 0.49 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक 0.46 फीसदी और अडानी पोर्ट्स 0.45 फीसदी की बढ़त के साथ शामिल रहे। इसके साथ ही सन फार्मा में 0.41 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.40 फीसदी, इन्फोसिस में 0.37 फीसदी, टाटा स्टील में 0.34 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.32 फीसदी की तेजी देखने को मिली। हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयरों में बिकवाली का दबाव भी दिखा, जिसमें हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.49%, पावरग्रिड 0.24%, एचडीएफसी बैंक 0.21%, टाइटन 0.20%, आईटीसी 0.17%, एचसीएल टेक 0.08% और भारती एयरटेल 0.05% की मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में नजर आए।

हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही बाजार के रुख में हल्का बदलाव भी दर्ज किया गया। सुबह 9 बजकर 51 मिनट पर सेंसेक्स 0.03 फीसदी यानी 24.25 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 77,448.69 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा, जबकि इसके विपरीत निफ्टी 0.02 फीसदी यानी 4.90 अंक की हल्की बढ़त के साथ 24,212.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव को समाप्त करने को लेकर बनी अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू शेयर बाजार में यह मिला-जुला रुख बना हुआ है, जिसके चलते निवेशक हर एक वैश्विक गतिविधि पर बेहद करीबी नजर बनाए हुए हैं।

करेंसी और कमोडिटी बाजार की बात करें तो, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ी सुस्ती के साथ 95.44 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.41 के लेवल पर बंद हुआ था। वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 0.6 फीसदी की नरमी दर्ज की गई और यह 87.3 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गया। इस ताजा गिरावट को यदि मिला लिया जाए, तो अकेले इस सप्ताह के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 6.8 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिसका असर समग्र आर्थिक बाजार और निवेशकों की कारोबारी रणनीतियों पर साफ तौर पर पड़ रहा है।