रसोई पर महंगाई की दोहरी मार! चीनी के बाद प्याज हुआ महंगा, सरकार चलाएगी 'कांदा एक्सप्रेस'|
चीनी के बाद अब प्याज की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे आम जनता की परेशानी बढ़ गई है। इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार आज से 'कांदा एक्सप्रेस' शुरू कर रही है।
प्याज के ढेर और मूल्य वृद्धि को दर्शाते हरे तीर का यह दृश्य भारतीय बाजारों में बढ़ती कीमतों और सरकारी कदमों के संदर्भ को प्रकट करता है।
चीनी के बाद अब प्याज की बढ़ती कीमतें आम जनता को परेशान कर रही हैं. देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी यानी नासिक में पिछले एक महीने में इसकी कीमत में करीब 76 फीसदी की भारी तेजी दर्ज की गई है. स्थिति यह हो गई है कि दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है, जबकि ठीक एक साल पहले यह भाव महज 35 रुपये प्रति किलो था|
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को देश में प्याज की औसत कीमत 42 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई, जो पिछले साल की तुलना में 45 प्रतिशत और पिछले महीने की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है. महानगरों की बात करें तो चेन्नई में प्याज 58 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है, जबकि पिछले साल यह 33 रुपये था| इसके अलावा, केरल और असम के कुछ हिस्सों में भी प्याज की कीमतें राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा बनी हुई हैं
बाजार के जानकारों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्याज के दाम में आए इस अचानक उबाल के पीछे कई प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं. मुख्य वजहों में मॉनसून की अनिश्चितता के कारण बुवाई में देरी होना, मंडियों में कम आवक और सरकारी खरीद में आई गिरावट शामिल है| वहीं, इस स्थिति का फायदा उठाते हुए जमाखोरों ने बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर दी, जिससे कीमतें और अधिक आसमान छूने लगीं. अमूमन हर साल अगस्त-सितंबर के दौरान प्याज की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है, क्योंकि इस समय रबी की फसल का भंडार समाप्त होने लगता है और नई खरीफ फसल बाजार में आने में समय लेती है [cite: अमूमन अगस्त-सितंबर में प्याज की कीमत में तेजी आती है। इसकी वजह यह है कि रबी की फसल का भंडार खत्म होने लगता है जबकि खरीफ की फसल आने में समय लगता है।]. इस बार खराब मौसम और बुवाई में देरी ने इस संकट को और गहरा दिया है| नासिक मंडी में जो प्याज एक महीने पहले 2,050 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, उसका भाव अब बढ़कर 3,600 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुका है. देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में इस बार खरीफ प्याज के उत्पादन में 5 से 7 प्रतिशत की गिरावट आने की खबरें भी सामने आ रही हैं
बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए अपने बफर स्टॉक को बाजार में उतारने का निर्णय लिया है. इसके तहत सरकार आज से नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुuvaहाटी के लिए विशेष 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेन का संचालन शुरू कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जिन इलाकों में कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं, वहां इस ट्रेन के माध्यम से कम कीमत पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि सरकार और किसानों के पास आने वाले महीनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद अब इस सरकारी पहल और नई फसल के बाजार में आने पर टिकी हुई है।