सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर के शेयर मूल्य में आई गिरावट को दर्शाती लाल तीर और तांबे की धातु की वस्तुएं मुंबई में।

भारतीय शेयर बाजार में सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। बाजार खुलते ही कंपनी का शेयर धड़ाम हो गया, जिससे निवेशकों में हलचल मच गई। शेयरों में यह भारी गिरावट केंद्र सरकार के उस बड़े फैसले के बाद आई है, जिसके तहत सरकार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। सरकार ने यह कदम विनिवेश के जरिए सरकारी खजाने के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से उठाया है।

बीते कारोबारी दिन यानी सोमवार को हिंदुस्तान कॉपर का शेयर 573.55 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। लेकिन मंगलवार को बाजार की शुरुआत होते ही यह शेयर करीब 6 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 540 रुपये के भाव पर खुला। हालांकि, इसके बाद शेयर ने थोड़ी सी रिकवरी करने की कोशिश की, लेकिन वह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। सुबह करीब 9:30 बजे यह शेयर 6.20 फीसदी की गिरावट के साथ 538 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान स्थिति और बिगड़ी तथा यह शेयर लुढ़ककर 534.05 रुपये तक के निचले स्तर को छू गया।

सरकार की इस योजना के तहत, हिंदुस्तान कॉपर में बिक्री पेशकश यानी ओएफएस (OFS) के जरिए अधिकतम 6 फीसदी तक की हिस्सेदारी बेची जाएगी। इस पूरे सौदे के लिए सरकार ने प्रति शेयर न्यूनतम कीमत 514 रुपये तय की है। इस रणनीतिक बिक्री के माध्यम से सरकार की योजना लगभग 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की है।

इस संबंध में निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत सरकार ओएफएस के जरिए हिंदुस्तान कॉपर में शुरुआती तौर पर तीन प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। इसके साथ ही बाजार में मांग अधिक रहने की स्थिति में अतिरिक्त तीन प्रतिशत हिस्सेदारी और बेचने का विकल्प भी सुरक्षित रखा गया है।

सरकार के इस प्रस्ताव में छोटे निवेशकों का भी पूरा ध्यान रखा गया है। नियमों के मुताबिक, इस बिक्री पेशकश का कुल 10 प्रतिशत हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए पूरी तरह से आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, कंपनी के पात्र कर्मचारियों के लिए भी 25,000 शेयर सुरक्षित किए गए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों में विनिवेश की प्रक्रिया के जरिए कुल 52,716 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

भले ही इस फैसले के कारण आज शेयर में बिकवाली हावी रही हो, लेकिन लंबी अवधि में हिंदुस्तान कॉपर का प्रदर्शन निवेशकों के लिए शानदार रहा है। पिछले एक महीने में ही इस कंपनी ने निवेशकों को 11 फीसदी से ज्यादा का बढ़िया रिटर्न दिया है। यदि एक साल की अवधि की बात करें, तो इस शेयर ने निवेशकों के पैसों को दोगुने से भी अधिक कर दिया है। पिछले एक साल में कंपनी का कुल रिटर्न 127 फीसदी दर्ज किया गया है। इसके अलावा, पिछले पांच वर्षों में इस सरकारी कंपनी के शेयरों में 350 फीसदी से अधिक की शानदार तेजी देखने को मिली है।