मुंबई एयरपोर्ट से फ्लाइट शिफ्टिंग का अडानी ग्रुप का प्लान रुका, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पुनर्विचार के दिए निर्देश|
एयरलाइंस के विरोध के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अडानी समूह को नवी मुंबई फ्लाइट ट्रांसफर टालने और नया रोडमैप देने का निर्देश दिया।
मुंबई और नवी मुंबई हवाई अड्डों का परिचालन संभालने वाले अडानी समूह को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्थानांतरण की योजना को फिलहाल टालने का निर्देश दिया है।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) और अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड द्वारा मुंबई एयरपोर्ट से एक तिहाई से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने की योजना पर फिलहाल रोक लग गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों के कड़े विरोध और परिचालन संबंधी चिंताओं को देखते हुए अडानी समूह को इस बदलाव को टालने और नया रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है।
अडानी समूह की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के पास मुंबई और नवी मुंबई दोनों हवाई अड्डों का परिचालन नियंत्रण है। अडानी समूह ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 के चरणबद्ध पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) की योजना बनाई है। टर्मिनल 1 से हटाई जाने वाली घरेलू उड़ानों के लिए टर्मिनल 2 पर जगह बनाने के उद्देश्य से MIAL ने 25 अक्टूबर से टी-2 के 770 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर स्लॉट में से 265 स्लॉट को अस्थायी रूप से हटाने और नवी मुंबई शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया था।
इस प्रस्ताव की जानकारी मिलने के बाद प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने इस फैसले पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। एयरलाइंस ने मंत्रालय से शिकायत करते हुए स्पष्ट किया कि सर्दियों के शेड्यूल (विंटर शेड्यूल) पहले ही तय हो चुके हैं। इतनी कम समय सीमा में अंतरराष्ट्रीय परिचालन में बड़ा फेरबदल करने से उन्हें भारी व्यावसायिक नुकसान और परिचालन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया और अडानी समूह से कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्लॉट को वापस लेने या बदलने से पहले सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठकर ट्रांजिशन प्लान पर पुनर्विचार करें। साथ ही, मंत्रालय ने टर्मिनल 1 के पुनर्विकास के लिए एक विस्तृत और व्यावहारिक रोडमैप सौंपने के निर्देश भी दिए हैं।
इस विषय पर सर्वसम्मति से रणनीति बनाने के लिए मुंबई एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी 13 अक्टूबर को सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में तैयार किए गए अंतिम प्रस्ताव को मंजूरी के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के समक्ष पेश किया जाएगा। फिलहाल मंत्रालय के हस्तक्षेप से एयरलाइंस और यात्रियों को राहत मिली है, जबकि नवी मुंबई में परिचालन शुरू करने के लिए अधिक सहज और व्यवस्थित योजना पर काम जारी है।