दिल्ली में डिजिटल भुगतान और स्टॉक मार्केट के संदर्भ में पेटीएम ऐप का लोगो और प्रतीक चिन्ह दर्शाए गए हैं।

पेटीएम के शेयरों में लंबे समय बाद एक बहुत बड़ी तेजी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों में काफी उत्साह है। सरकार द्वारा 2,000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले के बाद डिजिटल पेमेंट कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल आया है। इसके चलते पेटीएम, मोबिक्विक और पाइन लैब्स जैसी कंपनियों के शेयरों में 7% तक की तेजी दर्ज की गई है।

पेटीएम की पेरेंट कंपनी 'वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड' का शेयर शुरुआती कारोबार में ही 7 फीसदी से अधिक उछलकर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह शेयर 1,731.10 रुपये पर बंद हुआ था, जो आज बढ़कर 1,829.35 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान तेजी के साथ 1,856.50 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि नवंबर 2021 में आए इस कंपनी के आईपीओ का इश्यू प्राइस 2,150 रुपये था, लेकिन अब जाकर शेयर ने यह शानदार वापसी की है। ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने इसका टारगेट प्राइस 2,200 रुपये तय किया है।

पेटीएम के अलावा अन्य डिजिटल पेमेंट कंपनियों के शेयरों में भी तेजी का रुख रहा। बीएसई पर 'वन मोबिक्विक सिस्टम्स' का शेयर 5% से ज्यादा की बढ़त के साथ 214 रुपये पर पहुंच गया, जबकि एनएसई पर 'पाइन लैब्स' का शेयर लगभग 3% बढ़कर 199 रुपये प्रति शेयर हो गया।

गौरतलब है कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर से पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जाएगा, जिसके तहत व्यापारियों को 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4% शुल्क देना होगा। हालांकि, आम लोगों के लिए पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। पिछले सात सालों में यूपीआई ने अपनी रफ्तार और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कारण भारी लोकप्रियता हासिल की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का मानना है कि डिजिटल पेमेंट को सुलभ, सस्ता और सुरक्षित बनाए रखने के साथ-साथ इसे आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना भी जरूरी है ताकि सिस्टम लंबे समय तक बेहतर ढंग से काम कर सके।