शेयर बाजार में गिरावट के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी नीचे बंद हुए।

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र की शुरुआत सेंसेक्स में करीब 600 अंकों की बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन बाजार बंद होने तक तस्वीर पूरी तरह बदल गई। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से करीब 1,430 अंक नीचे आ गया। वहीं, निफ्टी भी 23,000 के स्तर के करीब पहुंच गया।

30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1.04 फीसदी यानी 777.94 अंक की गिरावट के साथ 74,003.82 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स का उच्च स्तर 75,436.44 रहा। इस तरह दिन के हाई से इसमें करीब 1,430 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

इसी तरह, 50 शेयरों वाला निफ्टी 1.19 फीसदी यानी 279.50 अंक टूटकर 23,118.60 पर बंद हुआ। निफ्टी की शुरुआत 23,576.15 के स्तर पर हुई थी और कारोबार के दौरान यह 23,592.85 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंचा। हालांकि, बाद में बिकवाली बढ़ने से सूचकांक नीचे आ गया और कारोबार समाप्त होने तक 23,118.60 पर बंद हुआ।

निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये घटे

शेयर बाजार में आई इस गिरावट का असर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कंपनियों के कुल मार्केट कैप में 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई। इसके बाद बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 472 लाख करोड़ रुपये रह गया।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) में सबसे अधिक 6.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर बाजार बंद होने पर 381 के स्तर पर लाल निशान में रहा।

टॉप गेनर्स में IT शेयर

मंगलवार के कारोबार में कुछ शेयरों ने गिरावट वाले बाजार के बीच बढ़त दर्ज की। HCL Tech में 3.64 फीसदी, Infosys में 3.79 फीसदी, TCS में 2.28 फीसदी, Tech Mahindra में 2.26 फीसदी और Wipro में 1.55 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।

दूसरी ओर, प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 6.04 फीसदी, श्रीराम फाइनेंस 4.74 फीसदी, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड 4.29 फीसदी, इंडिगो 3.96 फीसदी और ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड 3.38 फीसदी नीचे बंद हुए।

पश्चिम एशिया तनाव और तेल की कीमतों का असर

घरेलू शेयर बाजार में गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, बॉन्ड यील्ड में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली समेत कई कारण बताए गए हैं। मंगलवार के कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमत करीब 107 से 108 डॉलर प्रति बैरल रही। एक बैरल में करीब 159 लीटर तेल होता है।

शेयर बाजार में गिरावट के बीच भारतीय रुपये पर भी दबाव देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.4 फीसदी गिरकर 95.96 के स्तर पर पहुंच गया।

10 साल की US बॉन्ड यील्ड पर भी नजर

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने ईटी को बताया कि अमेरिकी 10 साल की बॉन्ड यील्ड के मनोवैज्ञानिक 5 फीसदी के स्तर तक पहुंचने से ग्लोबल इक्विटी मार्केट पर दबाव की उम्मीद थी। उनके मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मैक्रो-इकोनॉमिक परिस्थितियों पर दबाव बना रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति आगामी FOMC बैठक के लिए महत्वपूर्ण है। विजयकुमार ने ब्याज दरों को लेकर संभावित फैसले का भी उल्लेख किया और कहा कि मौजूदा मैक्रो-इकोनॉमिक परिस्थितियों में दरों को स्थिर रखने को उचित ठहराना मुश्किल हो सकता है।

इस तरह मंगलवार का कारोबारी सत्र घरेलू शेयर बाजार के लिए गिरावट वाला रहा। दिन की शुरुआत बढ़त से होने के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए और बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 9 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।