दीपावली से पहले गाजियाबाद में मिठाई कारखाने पर छापा, 4 क्विंटल कीड़ा लगा छेना नष्ट
दीपावली से पहले गाजियाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई। मिठाई कारखाने में चार क्विंटल कीड़ा लगा छेना मिला, छह खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। मिठाई के डिब्बों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट भी नहीं मिली।
गाजियाबाद में प्रशासन ने बीसी फूड कारखाने पर छापा मारकर 4 क्विंटल खराब छेना नष्ट किया।
गाजियाबाद में दीपावली से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को एडीएम सिटी विकास कश्यप के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बीसी फूड के नाम से संचालित मिठाई निर्माण कारखाने पर छापा मारा। जांच के दौरान करीब चार क्विंटल छेना में छोटे-छोटे कीड़े पाए गए। अधिकारियों ने इसे असुरक्षित मानते हुए नष्ट कराने की कार्रवाई की। इसके अलावा कारखाने से छह खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि जांच के दौरान कारखाना संचालकों ने बीसी फूड के नाम से लाइसेंस होने की जानकारी दी। कारखाने में तैयार मिठाइयां बीसी फूड के स्टोर पर बिक्री के लिए भेजी जाती हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से सोडियम बाईकार्बोनेट, लड्डू, मावा और अन्य खाद्य सामग्री के कुल छह नमूने लिए हैं।
जांच के दौरान छेना में छोटे-छोटे कीड़े मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। करीब चार क्विंटल छेना असुरक्षित पाए जाने के बाद उसे नष्ट कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कारखाने में तैयार मिठाइयों के डिब्बों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट भी अंकित नहीं मिली।
कारखाना संचालकों ने डिब्बों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं होने को भूलवश हुई गलती बताया। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत इस लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले रविवार को भी शासन के निर्देश पर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान चलाया गया था। एडीएम सिटी ने बताया कि रविवार को 18 टीमों ने जिले के 25 स्थानों पर छापेमारी कर 49 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। इस दौरान दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।
दीपावली के मद्देनजर जिले में चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें खोया, मावा और पनीर की गुणवत्ता पर नजर रखेंगी। इसके अलावा हापुड़, बुलंदशहर और दिल्ली से आने वाले मावा-पनीर की जांच के लिए इंटर-डिस्ट्रिक्ट अभियान भी चलाया जा रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि दीपावली पर मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। मिठाई निर्माण कारखानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के साथ नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की पड़ताल की जा रही है।