काशीपुरी धाम श्याम मंदिर में जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी महोत्सव की तैयारियां तेज, बैठक में बनी रणनीति
भीलवाड़ा के काशीपुरी धाम श्याम मंदिर में जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी महोत्सव की तैयारियां शुरू, बैठक में व्यवस्थाओं पर बनाई गई रणनीति।
तस्वीर में श्री श्याम मंदिर, काशीपुरी धाम के प्रांगण में बैठक के दौरान चर्चा करते हुए मंदिर समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिखाई दे रहे हैं।
श्री श्याम मंदिर, काशीपुरी धाम में आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर रविवार को मंदिर प्रांगण में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर महोत्सव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश पोद्दार ने की। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक पर्व नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सेवा, संगठन और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि इन महोत्सवों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में सभी व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुनिश्चित की जाएं।
सुरेश पोद्दार ने सभी कार्यकर्ताओं से सेवा भाव, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम, सुरक्षित और दिव्य दर्शन का लाभ मिल सके।
बैठक में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव की संपूर्ण रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान दर्शन व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, प्रसाद वितरण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, वाहन पार्किंग, यातायात प्रबंधन और स्वयंसेवकों की तैनाती सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां तय की गईं।
बैठक के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने दोनों महोत्सवों को भव्य, अनुशासित और भक्तिमय वातावरण में संपन्न कराने का संकल्प लिया।
मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव से जुड़ी सभी तैयारियां चरणबद्ध तरीके से की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे, जिससे बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से श्री श्याम मंदिर, काशीपुरी धाम में आयोजित होने वाले महोत्सवों में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर भगवान श्री श्याम, भगवान श्रीकृष्ण और श्री गणेशजी का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया।