तस्वीर में जहाजपुर बाजार की एक गली में बंद दुकानें और शटर गिरे हुए नजर आ रहे हैं।

भीलवाड़ा। जहाजपुर क्षेत्र में उप जिला अस्पताल को नए स्थान पर स्थानांतरित करने के फैसले को लेकर विरोध लगातार तेज हो रहा है। मंगलवार को अस्पताल स्थानांतरण के विरोध में वरिष्ठ नागरिक मंच की ओर से जहाजपुर बंद का आह्वान किया गया, लेकिन बाजार में इसका असर एकरूप नहीं रहा। कई प्रतिष्ठान खुले रहे, जबकि कुछ व्यापारियों ने स्वतः दुकानें बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया।

मंगलवार सुबह व्यापारिक प्रतिष्ठान खुलने के साथ ही बंद के असर की तस्वीर सामने आ गई। शहर की मुख्य मंडियों और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में कई दुकानें खुली नजर आईं। इसके चलते आम जनजीवन और दैनिक व्यापारिक गतिविधियां काफी हद तक सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। वहीं, कुछ व्यापारियों ने अस्पताल स्थानांतरण के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं और वरिष्ठ नागरिक मंच की पहल का समर्थन किया। व्यापारियों के बीच अलग-अलग राय के कारण बंद का असर मिला-जुला और विभाजित रहा।

इधर, आंदोलनकारी संगठनों ने अस्पताल स्थानांतरण के विरोध में अपनी रणनीति आगे बढ़ाई। मंगलवार दोपहर बाद वरिष्ठ नागरिक मंच के कार्यकर्ता उपखंड (एसडीएम) कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल संघर्ष समिति की ओर से शहरभर में लाउडस्पीकर और माइक के माध्यम से आम नागरिकों से उपखंड कार्यालय पहुंचने का आह्वान किया गया था।

उप जिला अस्पताल के निर्माण स्थल को लेकर पिछले कई दिनों से जहाजपुर का राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमाया हुआ है। इस संवेदनशील मुद्दे पर पूर्व में स्थानीय विधायक गोपीचंद मीणा ने प्रेस वार्ता कर प्रशासन और अपना रुख स्पष्ट किया था। वहीं, अस्पताल संघर्ष समिति ने भी मीडिया के सामने अपनी आपत्तियों और मांगों को प्रमुखता से रखा था। अब वरिष्ठ नागरिक मंच भी आंदोलन में मुखर भूमिका निभा रहा है।

अस्पताल स्थानांतरण को लेकर जारी विरोध, बंद के मिले-जुले असर और एसडीएम कार्यालय पर ज्ञापन सौंपे जाने के बाद जहाजपुर में यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस-प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की स्थिति पर पैनी नजर बनी हुई है।

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