शाहपुरा कोर्ट के आदेश पर रसद विभाग के अधिकारियों पर एफआईआर, राशन डीलर ने उठाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
भीलवाड़ा के खामोर गांव के राशन डीलर की शिकायत पर शाहपुरा कोर्ट के आदेश से रसद विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी।
तस्वीर में पुलिसकर्मी और नागरिक शाहपुरा में एक सफेद गाड़ी के पास खड़े होकर दस्तावेजों की जांच करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
भीलवाड़ा जिले के खामोर गांव के एक राशन डीलर द्वारा भ्रष्टाचार और प्रशासनिक धांधली के खिलाफ लड़ी गई 9 महीने की न्यायिक लड़ाई के बाद शाहपुरा न्यायालय के आदेश पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। न्यायालय के कड़े रुख और इस्तगासे के बाद पुलिस थाना फुलियाकलां में रसद विभाग के तत्कालीन उच्च अधिकारियों और निरीक्षण टीम के खिलाफ एफआईआर संख्या 157/2026 दर्ज की गई है। पीड़ित राशन डीलर ने अब जिला कलक्टर से दोषी अधिकारियों की त्वरित गिरफ्तारी तथा अपनी आजीविका बहाल कराने की मांग की है।
खामोर निवासी प्रार्थी ओमप्रकाश वैष्णव का आरोप है कि दुकान आवंटित होने के बाद से ही जिला रसद कार्यालय के कुछ अधिकारी उनसे लगातार "मासिक बंधी" के नाम पर अवैध वसूली की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण जब उन्होंने यह राशि देने से इनकार किया तो अधिकारियों ने दुकान बंद कराने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां देना शुरू कर दिया।
प्रार्थी के अनुसार 29 अक्टूबर 2025 को रसद विभाग की एक टीम, जिसमें मीनाक्षी मीणा, बृजेश सेठी और विनोद मीणा शामिल थे, ने उनकी उचित मूल्य की दुकान का औचक निरीक्षण किया। उनका दावा है कि निरीक्षण के दौरान मौके पर सब कुछ सही पाया गया और प्रार्थी व गवाहों के हस्ताक्षर करवाने के बाद टीम लौट गई।
ओमप्रकाश वैष्णव का आरोप है कि इसके बाद पूरे मामले में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने की साजिश रची गई। उनका कहना है कि जब मामला उच्च न्यायालय पहुंचा और जिला कलक्टर के आदेश पर उन्होंने निरीक्षण रिपोर्ट की सत्यापित प्रतियां प्राप्त कीं, तब उन्हें पता चला कि मूल निरीक्षण रिपोर्ट को गायब कर उसकी जगह कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दिए गए थे, ताकि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा सके। उनका आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
अब शाहपुरा न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस थाना फुलियाकलां में रसद विभाग के तत्कालीन उच्च अधिकारियों और निरीक्षण टीम के खिलाफ एफआईआर संख्या 157/2026 दर्ज हो चुकी है। पीड़ित राशन डीलर ने जिला कलक्टर से दोषी अधिकारियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष कार्रवाई और अपनी आजीविका बहाल करने की मांग करते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित अधिकारियों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए न्यायालय में अपना पक्ष भी रखा है।