भीलवाड़ा: आचार्य श्रीरामदयाल महाराज का अवतरण दिवस और संत सम्मेलन जल्द
विश्व शांति कल्याण चातुर्मास के तहत रामद्वारा धाम में भजन संध्या, संत सम्मेलन और अनुभव वाणी के 15 दिवसीय सामूहिक पाठ का आयोजन होगा।
तस्वीर में दिख रहे आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज माइक के सामने बैठकर प्रवचन दे रहे हैं।
भीलवाड़ा, 20 सितंबर। संतों की चरण रज देवताओं को भी दुर्लभ है और यदि वह मनुष्य को प्राप्त हो जाए तो इसे करोड़ों जन्मों का पुण्य माना जाता है। राम गुरु के चरण रज का बड़ा प्रताप है। उनके चरणों में शीश रखकर वह रज माथे पर लगाने से जीवन का कल्याण होता है और रजो गुण सत गुण में बदल जाते हैं। गुरु की चरण रज प्राप्त हो जाए तो जीवन सार्थक और सफल हो जाता है। ये विचार अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज ने ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत रविवार को दैनिक सत्संग में व्यक्त किए।
‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत 25 सितम्बर को रामद्वारा धाम में भजन संध्या का आयोजन होगा। 26 सितम्बर को आचार्य रामदयालजी महाराज का अवतरण दिवस आनंदोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इसके बाद 27 सितम्बर को रामद्वारा धाम में विराट संत सम्मेलन का आयोजन होगा। इसी दिन अभिजीत मुर्हुत में महाप्रभु स्वामी रामचरणजी महाराज की अनुभव वाणी का 15 दिवसीय सामूहिक पाठ शुरू होगा।
28 सितम्बर से यह पाठ प्रतिदिन सुबह 7 बजे शुरू होगा। इसके माध्यम से श्रद्धालु वाणीजी के 1015 पृष्ठों का सामूहिक पाठ करेंगे। प्रतिदिन सात से आठ घंटे तक पाठ होगा और एक दिन में औसतन 80 पृष्ठों का पाठक पाठ करेंगे।
आचार्यश्री से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रखर वक्ता संत मनोरथरामजी आलोट ने मानस प्रवचन किया। प्रवचन के विश्राम पर श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री रामदयालजी महाराज की आरती की। प्रवचन से पूर्व सुबह 8 से 9 बजे तक पंच ग्रंथ का सामूहिक पाठ किया गया।
आचार्यश्री ने कहा कि अज्ञान की ग्रंथियों को विच्छेद करने वाले पंच ग्रंथ का पाठ करने से चित की शुद्धि, वातावरण की शुद्धि एवं जीवन की शुद्धि होती है। सत्संग में भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रतिदिन रामधुनी के साथ सुबह 8 से 9 बजे तक वाणीजी का पाठ हो रहा है। सुबह 8 से 10 बजे तक चातुर्मासिक प्रवचन होंगे। सूर्यास्त के समय होने वाली संध्या आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।