भीलवाड़ा: रायपुर पुलिस पर युवक को बंधक बनाकर टॉर्चर करने का आरोप

पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर दोषी कांस्टेबल और साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और निलंबन की मांग की है।

Update: 2026-07-03 10:13 GMT

तस्वीर में भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बोर्ड के सामने खड़े दो व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से एक के हाथ में शिकायत पत्र है।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रायपुर थाने में तैनात एक कांस्टेबल और उसके साथियों पर एक युवक को अवैध रूप से थाने में बंद कर रातभर बेरहमी से थर्ड डिग्री टॉर्चर देने, उसकी जेब से जबरन ₹1000 निकालने तथा आरोपी के साथ मिलीभगत करने के आरोप लगे हैं। गंभीर रूप से घायल युवक का उपचार भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में चल रहा है। मामले में पीड़ित के भाई राजू सिंह राजपूत ने भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, रायपुर थाना क्षेत्र के लडकी गांव निवासी प्रार्थी राजू सिंह राजपूत ने बताया कि उनका पड़ोसी भैरु रावल उनके बाड़े और पुश्तैनी गली पर अवैध कब्जा करना चाहता है।

शिकायत में बताया गया कि 30 जून 2026 को दोपहर करीब 1 बजे जब प्रार्थी की मां उछब कंवर घर पर अकेली थीं, तब आरोपी भैरु रावल उनके बाड़े में घुस गया और पपीते तथा अमरूद के 4 से 5 पेड़ काट दिए। विरोध करने पर आरोपी ने कुल्हाड़ी दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और अश्लील गालियां दीं।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पूरे विवाद में रायपुर थाने में तैनात कांस्टेबल गोरखाराम आरोपी भैरु रावल के साथ मिला हुआ था। शिकायत के अनुसार, 1 जुलाई 2026 की शाम को कांस्टेबल गोरखाराम और भैरु रावल ने प्रार्थी के परिवार को फिर से धमकाया। इसके बाद कांस्टेबल गोरखाराम ने एक अन्य पुलिसकर्मी को बुलाया और बयान लेने के बहाने प्रार्थी के भाई गोदू सिंह को जबरन बाइक पर बैठाकर रायपुर थाने ले गया।

शिकायत में आरोप है कि जब गोदू सिंह की मां थाने पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों ने उनके थाने में होने से साफ इनकार कर दिया। इसी दौरान कांस्टेबल गोरखाराम और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने बिना किसी अपराध के गोदू सिंह को पूरी रात थाने में रखकर बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि मारपीट के दौरान कांस्टेबल ने गोदू सिंह की जेब से जबरन ₹1000 भी निकाल लिए।

शिकायत के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को गोदू सिंह को जमानत पर छोड़ा गया। पुलिस की कथित बर्बर पिटाई के कारण उसकी तबीयत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे रायपुर अस्पताल ले जाया गया। वहां हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां वर्तमान में उसका उपचार जारी है।

पीड़ित परिवार ने 3 जुलाई 2026 को भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर आरोपी भैरु रावल, कांस्टेबल गोरखाराम तथा मारपीट में शामिल अन्य दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में पद का दुरुपयोग करने और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप में संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने तथा पीड़ित गोदू सिंह का निष्पक्ष मेडिकल कराकर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की भी मांग की गई है।

मामले ने रायपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली और कथित मिलीभगत को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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