भीलवाड़ा में लग्जरी बसों पर रालसा का बड़ा एक्शन, 3 बसें सीज, सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सख्त चेतावनी
भीलवाड़ा में रालसा के विशेष अभियान के तहत 3 लग्जरी बसें सीज और एक का चालान किया गया। सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी।
भीलवाड़ा में सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बड़ा अभियान चलाया। दौसा बस अग्निकांड के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई के तहत यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने वाली बसों की जांच की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर तीन लग्जरी बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि एक बस का चालान काटा गया।
होटल लैंडमार्क ट्रेवल्स परिसर में हुई इस औचक कार्रवाई से ट्रेवल्स संचालकों में हड़कंप मच गया। अभियान का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने स्वयं किया। उनके साथ एडीएम प्रशासन डॉ. हरितिमा, मुख्य न्यायिक अधिकारी श्रीमती देवांगनी ओदीचय, जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी तथा गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कासोटिया सहित संबंधित विभागों का जाब्ता मौजूद रहा।
निरीक्षण के दौरान कई बसों में सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही सामने आई। कई बसों के आपातकालीन निकास इस स्थिति में मिले कि अधिकारियों के लगातार प्रयास के बावजूद उन्हें खोला नहीं जा सका। जांच में यह भी पाया गया कि बसों के भीतर अवैध रूप से भारी सामान और लोहे की रॉड रखी गई थीं, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बन सकती थीं।
कार्रवाई के दौरान कई लग्जरी बसों के आवश्यक दस्तावेज और बीमा भी उपलब्ध नहीं मिले। अधिकारियों ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित बसों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की।
दौसा में हुए बस अग्निकांड का उल्लेख करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने कहा, “यह एक महीने का विशेष अभियान है। जिन बसों में सरकार की एसओपी का पालन नहीं हो रहा है, उन्हें सीधे सीज किया जाएगा। जब तक बस संचालक नियमों के मुताबिक सुधार नहीं करेंगे, तब तक उनकी गाड़ियां सड़क पर रेंग भी नहीं पाएंगी।”
उन्होंने यात्रियों से भी अपील की कि किसी भी बस में यात्रा शुरू करने से पहले आपातकालीन निकास, दोनों तरफ के निकास द्वार, सुरक्षा उपकरण और इमरजेंसी हैमर की स्वयं जांच करें। यदि सुरक्षा संबंधी कोई कमी दिखाई दे तो ऐसी बसों में यात्रा करने से बचें।
जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाली बसों पर भी विभाग की कड़ी नजर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग सुरक्षा नियमों और बीआईएस मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। ऐसे मामलों में बसों को सीज करने के साथ ही संबंधित लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एक महीने का विशेष अभियान शुरू हो चुका है और यदि भीलवाड़ा की सड़कों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी रही तो इससे भी अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।