भीलवाड़ा में चिकित्सा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 'एनर्जी ड्रिंक' बताकर बिक रहीं 2,242 कैन सीज, जांच शुरू
भीलवाड़ा में चिकित्सा विभाग ने 'एनर्जी ड्रिंक' के नाम पर बिक रहीं 2,242 कैन सीज कर सैंपल जांच के लिए भेजे। रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई।
तस्वीर में बाएं खड़े एक व्यक्ति और दाएं खड़े खाद्य सुरक्षा अधिकारी भीलवाड़ा के एक प्रतिष्ठान में भारी मात्रा में रखी ड्रिंक्स की कैन और कार्टन की जांच कर रहे हैं।
भीलवाड़ा जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की फूड सेफ्टी टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर से कुल 2,242 कैन कैफीनेटेड पेय पदार्थ सीज किए, जिन्हें ‘एनर्जी ड्रिंक’ के नाम पर बेचा जा रहा था। जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने संबंधित उत्पादों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमानुसार कैफीनेटेड पेय पदार्थों पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ या ‘स्पोर्ट्स ड्रिंक’ जैसे दावे करना पूरी तरह भ्रामक श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में यह सघन अभियान चलाया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर के दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। पटेल नगर स्थित मैसर्स एसकेएस एजेंसी से ‘चार्जड’ ब्रांड की 1,410 कैन सीज की गईं, जबकि भोपालगंज स्थित मैसर्स आधार काबरा से ‘रेडबुल’ ब्रांड की 832 कैन जब्त की गईं। दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों को जांच के लिए अजमेर स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है।
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव ने बताया कि अत्यधिक कैफीन वाले पेय पदार्थों का अनियंत्रित सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों को ऐसे उत्पादों से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही आमजन से अपील की कि किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ की खरीदारी से पहले उसके लेबल और सामग्री की अच्छी तरह जांच अवश्य करें।
इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव के नेतृत्व में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गोवर्धन लाल कुम्हार और फहद खान की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।