तस्वीर में लोहे के पिंजरे के अंदर बैठा हुआ एक तेंदुआ दिख रहा है।

भीलवाड़ा तहसील के गुंदली गांव में तेंदुआ घुसने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित काबू में कर लिया।

रेस्क्यू के तुरंत बाद तेंदुए को राजकीय पशु चिकित्सालय, भीलवाड़ा ले जाया गया। यहां उसे प्राथमिक चिकित्सा दी गई। इसके बाद तेंदुए को वन विभाग के रेंज कार्यालय परिसर में विशेष निगरानी में रखा गया है।

तेंदुए की नाजुक हालत को देखते हुए वन विभाग ने कोटा जू की विशेषज्ञ पशु चिकित्सकीय टीम से संपर्क किया। डॉक्टरों के मार्गदर्शन में सटीक दवाएं देकर त्वरित उपचार किया गया। इलाज के बाद तेंदुए के वाइटल पैरामीटर्स में सुधार दर्ज किया गया है। वर्तमान में उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। आगामी दिनों में भी विशेषज्ञों की टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर रखेगी।

जिला उपवन संरक्षक (DFO) मारिया शाइन ने ग्रामीणों और आमजन को सख्त हिदायत देते हुए अपील की है कि तेंदुआ या कोई भी हिंसक वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं। वन्यजीव को घेरने, उकसाने या खुद पकड़ने का जानलेवा जोखिम न उठाएं।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित वनकर्मियों को सूचना दी जाए, ताकि इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही घटना से संबंधित किसी भी तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न करने की अपील की गई है।

वन्यजीव आपात स्थिति में वन विभाग की 24×7 हेल्पलाइन 1926 पर तत्काल संपर्क करने को कहा गया है। गुंदली गांव में रेस्क्यू के बाद तेंदुआ वन विभाग की निगरानी में है और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकीय टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

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