तस्वीर में गंगापुर में प्रदूषण नियंत्रण मंडल की कार्रवाई के दौरान अधिकारी और अन्य लोग कमरे में नजर आ रहे हैं।   

गंगापुर-भीलवाड़ा क्षेत्र में शनिवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब प्रदूषण नियंत्रण मंडल भीलवाड़ा की टीम ने कांग्रेस नेता सुनील हिरण से जुड़ी बताई जा रही पलाश मिनरल्स फैक्ट्री पर कार्रवाई की। टीम फैक्ट्री परिसर में पहुंची और नियमों व पर्यावरणीय मानकों से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कार्रवाई की सूचना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। इस दौरान कुछ श्रमिकों के मौके से निकल जाने की चर्चा भी सामने आई।

बताया जा रहा है कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने फैक्ट्री में संचालित गतिविधियों, पर्यावरणीय व्यवस्थाओं और निर्धारित नियमों की पालना को लेकर जांच की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ फैक्ट्री में मौजूद व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने निर्धारित नियमों और शर्तों की पालना नहीं किए जाने को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। हालांकि नोटिस में किन-किन बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज की गई है और विभाग की ओर से आगे किस तरह की कार्रवाई प्रस्तावित है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

कार्रवाई के दौरान श्रमिकों के फैक्ट्री से बाहर निकलने की चर्चा ने भी मामले को और चर्चित कर दिया। हालांकि कितने श्रमिक मौके से गए और उनके वहां से निकलने का वास्तविक कारण क्या था, इसे लेकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इधर, गंगापुर नगरपालिका चुनाव के बाद क्षेत्र में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच इस कार्रवाई को लेकर सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में कार्रवाई को वार्ड नंबर 12 के चुनाव परिणाम और उसके बाद सामने आए राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण मंडल की कार्रवाई का चुनाव परिणाम से कोई संबंध है, ऐसा कोई आधिकारिक बयान विभाग की ओर से सामने नहीं आया है। ऐसे में राजनीतिक संबंध को लेकर चल रही चर्चाएं फिलहाल स्थानीय राजनीतिक कयासों तक सीमित हैं।

अब पूरे मामले में प्रदूषण नियंत्रण मंडल की जांच रिपोर्ट और जारी किए गए नोटिस पर नजर है। फैक्ट्री में क्या-क्या कमियां सामने आती हैं, नोटिस में कौन से बिंदु दर्ज किए गए हैं और विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इसकी स्थिति आधिकारिक रिपोर्ट या नोटिस सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फैक्ट्री पर हुई कार्रवाई के बाद गंगापुर के औद्योगिक क्षेत्र से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चाओं का दौर जारी है। अब निगाह प्रदूषण नियंत्रण मंडल की आगामी कार्रवाई पर बनी हुई है।

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