तस्वीर में भीलवाड़ा जिला कारागृह के रसोईघर में अधिकारी बंदियों के लिए बनाए जा रहे भोजन और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करते हुए नजर आ रहे हैं।

भीलवाड़ा में जिला कारागृह के औचक निरीक्षण के दौरान बंदियों के स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता और कानूनी सहायता की स्थिति का जायजा लिया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के एक्शन प्लान के निर्देशानुसार अपर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रश्मि आर्य ने जिला कारागृह भीलवाड़ा का आकस्मिक निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान श्रीमती रश्मि आर्य ने जेल अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह फौजदार और जेल चिकित्सक डॉ. अभिषेक शर्मा से बंदियों के स्वास्थ्य तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने जेल के रसोईघर का निरीक्षण कर बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी जांची।

इसके बाद श्रीमती आर्य ने जेल की बैरकों का जायजा लिया और सभी बंदियों से अलग-अलग संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान अस्वस्थ बंदियों को तत्काल चिकित्सालय पहुंचाकर उपचार कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने बंदियों से उनके मुकदमों की प्रगति और अधिवक्ता की नियुक्ति के संबंध में भी जानकारी ली। जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं है, उन्हें निशुल्क विधिक सहायता के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के अवसर पर जेलर हीरा लाल गुर्जर, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता अमित सोलंकी, प्राधिकरण के निजी सहायक दीपक अग्रवाल, कनिष्ठ सहायक राजवर्धन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य, भोजन व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध विधिक सहायता से जुड़े पहलुओं की प्रत्यक्ष जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।

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