5-दिवसीय बैंकिंग की मांग पर 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल, भीलवाड़ा में 800 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी रहेंगे कार्य से दूर
भीलवाड़ा में 28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल रहेगी। 130 से अधिक शाखाओं के 800 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। नकद लेन-देन, धन अंतरण और क्लियरिंग समेत करीब 4,500 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने की संभावना है।
तस्वीर में भीलवाड़ा में हड़ताल और प्रदर्शन के दौरान बैठक में बैठे बैंक अधिकारी और कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं।
भीलवाड़ा में 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों का आंदोलन निर्णायक दौर में पहुंच गया है। राष्ट्रीयकृत बैंकों में लंबे समय से लंबित 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, 12वें द्विपक्षीय समझौते में इस मांग पर यूनियनों के साथ सहमति बनने के बावजूद इसे लागू नहीं किए जाने और लाभप्रदता आधारित प्रोत्साहन योजना में समानता के आधार पर सभी अधिकारी-कर्मचारियों को लाभ देने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के अखिल भारतीय आह्वान पर सोमवार 28 सितंबर, मंगलवार 29 सितंबर और बुधवार 30 सितंबर 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल आयोजित की जाएगी। इसके तहत भीलवाड़ा जिले में 130 से अधिक राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं के 800 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इससे आमजन को बैंकिंग सेवाओं से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हड़ताल के कारण जिले में नकद लेन-देन, धन अंतरण और समाशोधन (क्लियरिंग) सहित बैंकिंग गतिविधियां प्रभावित होने की संभावना है। बैंक यूनियनों के अनुसार, इन माध्यमों से होने वाला लगभग 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हो सकता है।
UFBU की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में हड़ताल के तीनों दिन जिले में मुख्य प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इनमें जिलेभर के सैकड़ों बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होंगे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।
28 सितंबर, सोमवार को पंजाब नेशनल बैंक की पुर रोड शाखा, हीरा पन्ना मार्केट में प्रदर्शन होगा। 29 सितंबर, मंगलवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा, शास्त्री नगर पुलिस चौकी के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। 30 सितंबर, बुधवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा, बसंत विहार में प्रदर्शन होगा। तीनों दिन प्रदर्शन प्रातः 10:30 बजे शुरू होगा।
बैंक यूनियनों ने 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू नहीं किए जाने को लेकर सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। यूनियनों का कहना है कि भारत सरकार के कार्यालयों, राज्य सरकार के कार्यालयों, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), बीमा क्षेत्र, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड और सेबी जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। इसके बावजूद राष्ट्रीयकृत बैंकों में 5-दिवसीय बैंकिंग लागू नहीं किया जाना समझ से परे है।
यूनियनों के अनुसार, 12वें द्विपक्षीय समझौते में 5-दिवसीय बैंकिंग की मांग पर सहमति बनने के बाद भी इसे लागू नहीं किया जाना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। सरकार, वित्त विभाग और आईबीए की ओर से इस मांग को लागू करने में हो रही देरी को लेकर बैंक कर्मचारियों में व्यापक आक्रोश है।
बैंक यूनियन नेताओं ने कहा कि लगातार तीन दिन की हड़ताल से पहले द्वितीय शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण आम जनता को बैंकिंग सेवाओं से लगातार पांच दिनों तक वंचित रहना पड़ सकता था। यूनियन का आरोप है कि आमजन के बीच सरकार के प्रति बढ़ते रोष को कम करने के लिए सरकार को पूर्व में रविवार को कार्यदिवस घोषित करने जैसे कदम उठाने पड़े थे।
बैंक यूनियनों ने सरकार से 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था तत्काल लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही लाभप्रदता आधारित प्रोत्साहन योजना में सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ समानता का व्यवहार करते हुए उन्हें भी इसका लाभ देने की मांग की गई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।