बयाना: कृष्ण वृद्ध आश्रम में चेयरमैन उषा अग्रवाल और पार्षदों का सम्मान
चेयरमैन उषा अग्रवाल ने युवाओं से बुजुर्गों की देखभाल करने की अपील की, आश्रम प्रबंधन ने पार्षदों से सहयोग मांगा।
तस्वीर में बयाना के कृष्ण वृद्ध आश्रम में मेज पर स्मृति चिह्न के साथ लोग बैठे दिख रहे हैं।
बयाना। कस्बे के मुर्रकी स्थित कृष्ण वृद्ध आश्रम में नगरपालिका मंडल की चेयरमैन उषा अग्रवाल सहित सभी 35 पार्षदों का स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। आश्रम प्रबंधन की ओर से सभी पार्षदों को राधे-राधे नाम लिखे दुपट्टे पहनाकर तथा स्मृति चिह्न के रूप में शील्ड भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए नगरपालिका चेयरमैन उषा अग्रवाल ने कहा कि कृष्ण वृद्ध आश्रम में नगरपालिका के सभी पार्षदों का सम्मान होना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि देश में वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय है। यदि परिवारों में युवा अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा और देखभाल करें तो वृद्धाश्रमों की आवश्यकता काफी हद तक कम हो सकती है।
उषा अग्रवाल ने कहा कि बुढ़ापा बचपन के दोबारा लौटने जैसा होता है। जिस तरह माता-पिता बचपन में बच्चों की छोटी-बड़ी जिद पूरी करते हैं और उनका पालन-पोषण करते हैं, उसी तरह वृद्धावस्था में बच्चों का भी दायित्व है कि वे अपने माता-पिता की भावनाओं और जरूरतों को समझें। किसी बुजुर्ग के जिद करने या किसी बात पर नाराज होने के कारण उन्हें घर से बाहर करना उचित नहीं है।
चेयरमैन ने कहा कि वृद्धाश्रम की व्यवस्था मुख्य रूप से उन बुजुर्गों के लिए होनी चाहिए जो वास्तव में लावारिस, असहाय या बेसहारा हैं। परिवार में बुजुर्गों को सम्मान और अपनापन मिलना समाज की जिम्मेदारी है।
आश्रम के कार्यवाहक राधेश्याम शर्मा ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी पार्षदों से कृष्ण वृद्ध आश्रम के संचालन में सहयोग करने तथा आश्रम की आजीवन सदस्यता ग्रहण करने का आग्रह किया। उन्होंने आश्रम की गतिविधियों और बुजुर्गों की सेवा के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी।
समारोह के दौरान पार्षदों और आश्रम प्रबंधन के बीच बुजुर्गों की सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम का समापन शुद्धाहार के साथ हुआ।