वंदे मातरम के 150 वर्ष और विभाजन की विभीषिका पर बारां में आज विशेष संगोष्ठी
बारां में 13 अगस्त को वंदे मातरम के 150 वर्ष और विभाजन की विभीषिका पर विशेष संगोष्ठी, विद्वान व प्रबुद्धजन करेंगे विचार-विमर्श।
बारां में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के विभाजन की मानवीय त्रासदी और पीड़ा को नमन करने के लिए गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग बारां तथा भारतीय सांस्कृतिक निधि वराह नगरी बारां अध्याय (इंटेक) के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित होगा।
राजकीय संग्रहालय बारां के सहायक प्रशासनिक अधिकारी संदीप सिंह जादौन एवं इंटेक बारां चैप्टर कन्वीनर जितेन्द्र शर्मा पम्मी ने जानकारी देते हुए बताया कि विशेष संगोष्ठी का विषय ‘वंदे मातरम्: राष्ट्रचेतना के 150 वर्ष एवं विभाजन की विभीषिका: इतिहास, स्मृति और मानवीय पीड़ा’ रखा गया है। संगोष्ठी का आयोजन गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे राजकीय संग्रहालय सभागार, बारां में किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान इतिहास, राष्ट्रचेतना, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों के विभिन्न पहलुओं पर विद्वानों और प्रबुद्धजनों द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। संगोष्ठी में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर के साथ देश के विभाजन की मानवीय त्रासदी और पीड़ा से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि योगेंद्र कुमार शर्मा, सहायक निदेशक, जन संपर्क विभाग बारां होंगे। कमलेश चैरसिया, स्वतंत्र पत्रकार, बारां मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। राजेंद्र कुमार शर्मा, प्रांतीय प्रचार प्रमुख, भारत तिब्बत सहयोग मंच विशिष्ट अतिथि तथा दिलीप शाह मधुप, जिलाध्यक्ष, जिला प्रेस क्लब, बारां अध्यक्ष होंगे।
राजकीय संग्रहालय बारां के सहायक प्रशासनिक अधिकारी संदीप सिंह जादौन एवं जितेन्द्र कुमार शर्मा, कन्वीनर, भारतीय सांस्कृतिक निधि वराह नगरी बारां अध्याय ने शहर के सभी विद्वानों, प्रबुद्धजनों एवं आम नागरिकों से इस गरिमामयी और राष्ट्रचेतना से ओतप्रोत संगोष्ठी में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का सादर आग्रह किया है।
वंदे मातरम के 150 वर्ष और विभाजन की विभीषिका पर केंद्रित यह संगोष्ठी इतिहास, स्मृति, राष्ट्रचेतना और मानवीय पीड़ा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगी।