तस्वीर में बारां में यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर वाहन रैली निकालते और ज्ञापन सौंपते हुए सवर्ण समाज के प्रदर्शनकारी नजर आ रहे हैं।

बारां जिला मुख्यालय पर बुधवार को यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर सवर्ण एकता मंच की अपील पर सवर्ण समाज के लोगों ने प्रताप चौक से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च और दुपहिया वाहन रैली निकाली। सैकड़ों महिला-पुरुषों, युवाओं और विभिन्न घटकों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन में शामिल होकर प्रस्तावित यूजीसी व्यवस्था को वापस लेने तथा सामान्य एवं सवर्ण वर्ग के लोगों के साथ हो रहे कथित अन्याय और भेदभाव को समाप्त करने की मांग उठाई।

रैली अपराह्न 3:00 बजे शहर के प्रताप चौक से रवाना हुई। यह चार मूर्ति चौराहा और कोटा रोड होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। बड़ी संख्या में एकत्रित प्रदर्शनकारी दुपहिया वाहनों और पैदल मार्च के जरिए रैली में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में यूजीसी रोलबैक से संबंधित तख्तियां थीं और वे लगातार नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे।

प्रदर्शन के दौरान यूजीसी जैसी व्यवस्था को वापस लेने की मांग के साथ “यूजीसी रोलबैक”, “भारत माता की जय”, “सवर्ण एकता जिंदाबाद” और “जाति के नाम पर बांटना बंद करो” सहित कई नारे लगाए गए। जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।

इस दौरान कई वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार की व्यवस्थाओं में समान अवसर, योग्यता और संवैधानिक अधिकारों का संतुलित एवं समान रूप से संरक्षण होना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सामान्य वर्ग के नागरिक लंबे समय से अपने साथ हो रहे कथित अन्याय और अधिकारों की अनदेखी को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को वास्तविक और सकारात्मक रूप से नहीं मानती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

प्रदर्शनकारियों की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में यूजीसी से संबंधित प्रस्तावित अधिनियम अथवा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस लेने या उसमें पुनर्विचार की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। इसके अलावा सामान्य एवं सवर्ण वर्ग के नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव तथा अन्याय एवं अत्याचार की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।



 





ज्ञापन में शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी नीतियों में योग्यता, समान अवसर और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने तथा सभी सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले नागरिकों के विरुद्ध अनावश्यक तथा दमनात्मक कार्रवाई नहीं करने और भविष्य में किसी भी नीति एवं निर्णय से पहले प्रभावित वर्गों से व्यापक चर्चा करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।

इस प्रदर्शन के माध्यम से सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने यूजीसी रोलबैक सहित समान अवसर, संवैधानिक अधिकारों और नीतिगत निर्णयों में प्रभावित वर्गों से संवाद की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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