तस्वीर में बारां के खेत में पड़ी टूटी हुई लोहे की तिजोरी दिखाई दे रही है।

बारां जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आखेडा की झौपड़ियां गांव में करीब दो वर्ष पहले हुई बड़ी चोरी की वारदात का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। 14 लाख 25 हजार रुपये मूल्य की नकदी और जेवरात की चोरी के मामले में पीड़ित परिवार दो साल से पुलिस और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस परिणाम नहीं मिला है।

पीड़ित विशाल सुमन पुत्र सूरजमल सुमन ने बताया कि घटना 14 जून 2024 की रात की है। उनके अनुसार अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से उनके घर को निशाना बनाया। चोर घर में घुसे और पूरी लोहे की तिजोरी ही उठाकर ले गए।

बताया गया कि चोर तिजोरी को गांव के पास स्थित एक सूने खेत में ले गए, जहां उसे बलपूर्वक तोड़कर उसमें रखी नकदी और कीमती जेवरात निकाल लिए तथा फरार हो गए। अगले दिन सुबह जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। चोर 2 लाख 75 हजार रुपये नकद के साथ सोने और चांदी के बहुमूल्य आभूषण भी ले गए। पीड़ित परिवार के अनुसार चोरी गई नकदी और जेवरात की बाजार कीमत लगभग 14 लाख 25 हजार रुपये है।

विशाल सुमन ने बताया कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस जांच अब तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। उनका कहना है कि चोरी का खुलासा कराने और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग को लेकर वे कई बार पुलिस अधीक्षक (एसपी), जिला कलेक्टर और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को ज्ञापन सौंप चुके हैं। हालांकि प्रत्येक बार उन्हें केवल आश्वासन मिला, लेकिन मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के दो वर्ष बीत जाने के बावजूद आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है। उनका आरोप है कि लगातार गुहार लगाने के बावजूद चोरी गए सामान की बरामदगी और मामले के खुलासे की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। ऐसे में परिवार आज भी न्याय की उम्मीद लगाए पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है।

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