भगवान हमें सदैव देखते हैं, इसलिए रखें आचरण निर्मल” — आचार्य प्रज्ञासागर महाराज पंचमकाल में धर्म, शास्त्र और गुरु-भक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वानBy Bhagvati Medatwal, Kota 12 Nov 2025 6:15 PM IST