मिस्र और अमेरिका की मध्यस्थता में शर्म अल-शेख में हुआ शांति समझौता गाजा में युद्ध विराम की नई उम्मीद लेकर आया है। इस समझौते के तहत इजरायली सेना की वापसी, कैदियों की अदला-बदली और राहत कार्यों की शुरुआत की जाएगी।


लगादार २ साल से चालू गाजा - इसराइल जंग को आज आखिर रोका गया है। इसे रोकने हेतु अनेकों प्रयास किये गए थे। इनमे से एक प्रयास था की गाजा शांति समझौता। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सारे विश्व के सामने रखा। इस समझौते को लेकर प्रत्येक देशों ने अपना समर्थन भी दिया। हाल ही में गाजा शांति समझौते को लेकर एक अहम दस्तवेज पर मुहर लगायी गई है। इस दस्तावेज पर चार देशों के मध्यस्तों ने अपने हस्ताक्षर किये है। इनमें मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल शामिल थे। हालांकि, इसमें न तो इजरायल और न ही हमास के प्रतिनिधि मौजूद थे।


मिस्र और अमेरिका की संयुक्त अध्यक्षता में शर्म अल-शेख में हुए शांति सम्मेलन में गाजा युद्ध विराम समझौते पर सभी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए। इस सम्मेलन में 20 से अधिक देशों के नेता शामिल हुए और उन्होंने युद्ध विराम को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया। सीसी ने कहा कि यह समझौता दो-राष्ट्र के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समझौते के पहले चरण में इजरायली सैनिकों को गाजा सिटी, रफा, खान यूनुस और उत्तर इलाके से वापस बुलाया जाएगा। इसके साथ ही कैदियों और बंधकों की अदला-बदली होगी और पांच राहत चौकियों को खोला जाएगा, ताकि मानवीय सहायता गाजा तक पहुँच सके। सोमवार को हमास ने बचे हुए 20 जीवित बंधकों को रिहा किया, जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 को दक्षिण इजरायल पर हमले के दौरान पकड़ा गया था।

इजरायली अधिकारियों ने लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया है। गाजा के स्वास्थ्य और खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले दो साल के सैन्य अभियानों ने गाजा को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिसमें 67,000 से ज्यादा लोग मारे गए और अकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। अब यह युद्ध विराम समझौता गाजा में शांति और मानवीय राहत लाने की उम्मीद जगाता है।

Updated On 14 Oct 2025 6:21 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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