अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि परिसर 2025 में एक ऐतिहासिक क्षण की ओर अग्रसर है। वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों श्रद्धालुओं के सहयोग के बाद राम मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र बन चुका है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर में एक नया अध्याय भी जोड़ रहा है। इस भव्य निर्माण का समापन चिह्नित करने के लिए 25 नवम्बर 2025 को ‘ध्वजारोहण’ समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा ध्वज फहराया।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों पर अब तक कुल लगभग ₹1,800 करोड़ खर्च हो चुके हैं। इसमें मुख्य मंदिर की संरचना, गर्भगृह, दर्शनी मार्ग, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर किए गए खर्च शामिल हैं। अन्य रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर निर्माण और परिसर विकास मिलाकर अब तक ₹1,621 करोड़ व्यय हो चुका है।

वित्तीय वर्ष 2024–25 में निर्माण कार्यों के लिए ट्रस्ट ने ₹452.76 करोड़ खर्च किए। भविष्य के कार्यों में उप-मंदिरों और अन्य संरचनाओं के निर्माण पर अनुमानित ₹850 करोड़ व्यय होने की संभावना है। इनमें वेदांग मंडप, सांस्कृतिक केंद्र और दर्शकों के लिए सुव्यवस्थित मार्ग शामिल हैं।




मंदिर निर्माण के अलावा परिसर में सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, भक्त सुविधा केंद्र और प्रशासनिक ढांचे पर भी महत्वपूर्ण खर्च हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक ₹776 करोड़ इन व्यवस्थाओं पर खर्च किए जा चुके हैं। भव्यता को बढ़ाने के लिए मंदिर के गर्भगृह में 45 किलोग्राम स्वर्ण का उपयोग किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹50 करोड़ है।

ध्वजारोहण 2025 समारोह के दिन अयोध्या का पूरा शहर उत्सव के रंग में रंग गया। समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत सहित लगभग 6,000–8,000 प्रमुख अतिथि शामिल हुए। ट्रस्ट ने विशेष रूप से सुरक्षा, पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया, जिससे समारोह सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सका।

ध्वजारोहण का यह उत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था; यह राम मंदिर निर्माण के समापन और आस्था के पुनर्जागरण का प्रतीक भी था। समारोह ने श्रद्धालुओं और देशवासियों को एकजुट किया और अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर और भी प्रमुखता दी।

भविष्य में, मंदिर परिसर में और कार्य जारी रहेंगे, लेकिन ध्वजारोहण 2025 ने यह स्पष्ट कर दिया कि राम मंदिर अब पूर्ण रूप से श्रद्धा और भव्यता का केंद्र बन चुका है। यह न केवल भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, बल्कि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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