✕
भारत-अमेरिका व्यापार तनाव पर रोक; US मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप!
By EditorialPublished on
भारत-अमेरिका व्यापार तनाव: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच केंद्र सरकार ने संसद में खुलासा किया है कि रेसिप्रोकल टैरिफ का असर अमेरिका को होने वाले भारत के कुल निर्यात के आधे से ज़्यादा मूल्य पर पड़ेगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच बड़े व्यापार समझौतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

x

भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों में एक बार फिर तल्खी देखने को मिल रही है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के एक कड़े बयान के बाद दोनों देशों के बीच चल रहा भारत-अमेरिका व्यापार तनाव और गहरा गया है। बेसेंट ने भारत पर व्यापार वार्ता में "अड़ियल" रवैया अपनाने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरी ओर भारत ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के नए टैरिफ का असर उसके कुल निर्यात के आधे से ज्यादा हिस्से पर पड़ेगा।
यह मामला तब और गरमा गया जब कुछ दिन पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने का हवाला देते हुए भारतीय आयातों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। यह नया टैरिफ 27 अगस्त से लागू होने वाला है, जिससे भारतीय निर्यातकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। इस समय-सीमा से पहले, दोनों देश बातचीत के जरिए एक सम्मानजनक समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
अमेरिकी प्रशासन का कड़ा रुख :
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क पर एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका स्विट्जरलैंड और भारत जैसे देशों के साथ बड़े व्यापार समझौतों को अंतिम रूप देना चाहता है, लेकिन भारत का रुख बातचीत में बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा, "भारत बातचीत में थोड़ा अड़ियल रहा है।"
बेसेंट ने यह भी संकेत दिया कि ट्रंप प्रशासन अक्टूबर के अंत तक इन व्यापार वार्ताओं को पूरा करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा, "यह महत्वाकांक्षी है, लेकिन मुझे लगता है कि हम एक अच्छी स्थिति में हैं और सभी महत्वपूर्ण देशों के साथ ठोस शर्तों पर सहमत हो सकते हैं।" अमेरिकी प्रशासन के इन बयानों से यह साफ है कि वह भारत पर दबाव बनाकर अपनी शर्तों पर एक समझौता करना चाहता है।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर :
इधर, भारत सरकार ने अमेरिकी टैरिफ के संभावित असर का आकलन संसद में प्रस्तुत किया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार (12 अगस्त, 2025) को लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि इन जवाबी टैरिफ (Reciprocal Tariffs) का असर अमेरिका को होने वाले भारत के कुल निर्यात के लगभग 55 प्रतिशत हिस्से पर पड़ सकता है। यह आंकड़ा इस भारत-अमेरिका व्यापार तनाव की गंभीरता को उजागर करता है, क्योंकि अमेरिका भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक है।
अभी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मामला जल्द नहीं सुलझा, तो इसका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ सकता है। आगामी कुछ सप्ताह यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि यह भारत-अमेरिका व्यापार तनाव किसी सौदे के साथ समाप्त होता है या फिर एक बड़े ट्रेड वॉर में बदल जाता है।

Editorial
Next Story
Related News
X
