✕
एस.आई.ई.एस. कॉलेज में गूँजा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का रंगारंग उत्सव
By EditorialPublished on
भक्ति, संगीत और नृत्य की मधुर लहरों से गूंजते एस.आई.ई.एस. कॉलेज का सभागार 11 अगस्त 2025 को एक बार फिर वृंदावन में बदल गया, जब मराठी वाड्मय मंडल के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का भव्य आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ। पारंपरिक दीप प्रज्वलन, रंगीन सजावट, भावपूर्ण प्रस्तुतियां और “गोविंदा आया रे आया” की गूंज ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

x

सांस्कृतिक परंपराओं और उत्साह के अनोखे संगम के साथ, एस.आई.ई.एस. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स (स्वायत्त) में मराठी वाङ्मय मंडल के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का भव्य आयोजन कॉलेज के सभागार में धूमधाम से हुआ। 11 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चले इस कार्यक्रम ने पूरे महाविद्यालय परिसर को भक्ति, आनंद और उमंग से भर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई। रंग-बिरंगे फूलों से सजे सभागार में पारंपरिक परिधानों में सजे छात्र-छात्राएं और वाद्ययंत्रों की मधुर थाप पर गूंजती “गोविंदा आया रे आया” की उद्घोषणाओं ने एस.आई.ई.एस. कॉलेज के माहौल को वृंदावन की गलियों जैसा पवित्र बना दिया।
छात्रों के समूह गायन में श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण चित्रण किया गया, जिसने दर्शकों को भक्ति में डूबो दिया। वहीं, समूह नृत्यों में रास और गरबा की सुसंगत प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। नाटिका में माखनहांडी की रोचक कथा को हास्य और भावनाओं के सुंदर मिश्रण के साथ प्रस्तुत किया गया, जिस पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
हर प्रस्तुति के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शांति सुरेश ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में भारतीय परंपराओं के प्रति प्रेम और जुड़ाव को गहरा करते हैं।
मराठी वाङ्मय मंडल के मार्गदर्शक शिक्षक अनिकेत स्वराज और निखिल बागड़े ने कार्यक्रम की सफलता में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यार्थी प्रतिनिधि अथर्व साळवी ने कार्यक्रम के समन्वय और आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एस.आई.ई.एस. कॉलेज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव में पारंपरिक और आधुनिक कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। सजावट से लेकर प्रस्तुतियों तक, हर पहलू में रचनात्मकता और भक्तिभाव झलक रहा था। मंच पर नृत्य करते युवा, झांकी में बाल कृष्ण की झलक और मटकी फोड़ की तैयारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
अभी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित मेहमानों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे उत्सव न केवल आनंद और मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ी तक पहुँचाते हैं।
इस तरह, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव ने एस.आई.ई.एस. कॉलेज को एक दिन के लिए सचमुच वृंदावन बना दिया जहां हर ओर भक्ति, संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम देखने को मिला।

Editorial
Next Story
Related News
X
