संसद में गरजे उद्धव गुट के सांसद; मोदी को दी नसीहत
संसद के मानसून सत्र में सोमवार (28 जुलाई) को ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा के दौरान मुंबई साउथ से शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भारतीय सेना के साहस और पराक्रम को सलाम करते हुए सवाल उठाया कि सरकार ने आखिर किसके कहने पर युद्ध रोक दिया। सावंत ने कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाने और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को वापस लेने का यह सही समय था, जिसे सरकार ने गंवा दिया।
“युद्ध रोकने की क्या मजबूरी थी?”
सावंत ने अपने संबोधन में कहा, “यह सही वक्त था पाकिस्तान को एक बार फिर सबक सिखाने का, जैसे इंदिरा गांधी ने सिखाया था। आज पाकिस्तान को फिर वही सबक सिखाने की जरूरत है।” उन्होंने सवाल किया कि अगर पाकिस्तान युद्ध रोकने के लिए गिड़गिड़ा रहा था, तो बिना शर्त युद्ध समाप्त क्यों किया गया? “शर्तें लगानी चाहिए थीं। आखिर आपने कौन सी शर्तें लगाईं?” उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से देशवासियों में असंतोष की भावना पैदा हो रही है।
“पहलगाम में जवान क्यों नहीं थे?”
सावंत ने पहलगाम आतंकी हमले पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस दिन वहां पर्यटक मौजूद थे, उस दिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि वे बिहार जाकर अंग्रेजी में भाषण देते रहे, लेकिन पहलगाम नहीं गए और न ही अब तक मणिपुर गए। “क्या उन 26 मासूमों के खून का दर्द आपको नहीं हुआ?” उन्होंने सवाल किया।
विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर कटाक्ष :
सरकार की विदेश नीति पर हमला करते हुए सावंत ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री जी, युद्ध के समय एक भी राष्ट्र हमारे साथ क्यों नहीं खड़ा रहा? जो ईरान हमें उधार पर तेल देने को तैयार था, उसके साथ भी हमारे रिश्ते बिगड़ गए। चीन हमारी सीमा में घुस रहा है और पाकिस्तान को ड्रोन व हथियार देकर मदद कर रहा है। तुर्की भी उनके साथ खड़ा है। तीनों राष्ट्र एकजुट हैं, लेकिन हमारे साथ एक भी देश क्यों नहीं?” उन्होंने सवाल उठाया कि युद्ध के दौरान IMF पाकिस्तान को आर्थिक मदद क्यों देता रहा, जबकि भारत को वैश्विक समर्थन नहीं मिला।
“आतंकियों को पकड़ने में नाकामी, दिल में दर्द नहीं ?”
सावंत ने पहलगाम हमले के गुनहगारों को पकड़ने में नाकामी पर भी सरकार को घेरा। “जिन आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर छीना, उन्हें आप आज तक पकड़ नहीं पाए। क्या आपके दिल में कुछ नहीं आता?” उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए नरसंहार के पीड़ित आज भी न्याय की राह देख रहे हैं।
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ऑल पार्टी डेलीगेशन को बताया विफल :
सावंत ने विदेश में भेजे गए ऑल पार्टी डेलीगेशन पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “क्या किसी भी देश में हमारा सम्मान हुआ? क्या कोई ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई? कोई हमारे साथ क्यों नहीं खड़ा हुआ? सब विफल है।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित की बात आने पर विपक्ष हमेशा सरकार के साथ खड़ा रहेगा, लेकिन गलतियों पर सवाल उठाना विपक्ष का कर्तव्य है।
Editorial

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