✕
केंद्र और योगी सरकार पर अखिलेश की जुबानी बौछार
By EditorialPublished on
ऑपरेशन सिंदूर पर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को सलाम करते हुए कहा कि अगर उन्हें और मौका मिलता, तो शायद वे पीओके (PoK) भी अपने कब्जे में ले लेते। अखिलेश के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।

x

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में केंद्र की बीजेपी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद, विदेश नीति और कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव ने भारतीय सेना की बहादुरी और साहस को सलाम किया, लेकिन साथ ही केंद्र सरकार की आतंकवाद के खिलाफ रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए।
ऑपरेशन सिंदूर पर अखिलेश का बयान :
अखिलेश यादव ने कहा, "हम भारतीय सेना के साहस और पराक्रम को बधाई देते हैं। अगर उन्हें और मौका मिलता, तो शायद वे पीओके (PoK) भी ले लेते।" उन्होंने कहा कि सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में जो पराक्रम दिखाया, उससे देशवासियों का मनोबल बढ़ा है, लेकिन आतंकी घटनाओं की बढ़ती संख्या पर सरकार को जवाब देना होगा।
उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पहलगाम से पहले भी एक घटना हुई थी, जिसकी जानकारी जनता तक नहीं पहुंचाई गई। उन्होंने सवाल उठाया, "बीजेपी सरकार में आतंकी घटनाएं क्यों हो रही हैं? पहलगाम के आतंकी कहां हैं?"
कांग्रेस के रुख का समर्थन :
अखिलेश ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के ऑपरेशन सिंदूर पर उठाए सवालों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस भी केंद्र में सत्ता में रही है, उनके पास स्रोत होंगे और उन्हें जानकारी होगी। सरकार को आतंकवाद पर जवाबदेह होना चाहिए।" उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार देश को भरोसा दिलाए कि आतंकी घटनाओं पर काबू पाया जाएगा।
योगी सरकार पर तीखा हमला :
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "यूपी का मुख्यमंत्री काम नहीं करता। योगी सरकार आतंकवाद और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पूरी तरह से विफल रही है।" अखिलेश ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध और अव्यवस्था बढ़ रही है और सरकार इन मुद्दों पर संवेदनशील नहीं है।
विदेश नीति पर सवाल :
सपा प्रमुख ने बीजेपी सरकार की विदेश नीति को असफल करार दिया। उन्होंने कहा, "आज कोई भी देश भारत के साथ खड़ा नहीं है। हमारी विदेश नीति पूरी तरह से विफल हो चुकी है।" अखिलेश ने चीन को पाकिस्तान से बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि अगले 10 साल तक चीन का कोई सामान भारत में न आने दिया जाए और देश को स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए।
अभी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
अखिलेश ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान से खतरा तो है ही, लेकिन चीन से भारत को और बड़ा खतरा है। उन्होंने बीजेपी सरकार से आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई करने और पहलगाम हमले के दोषियों को पकड़ने की मांग की।
‘नमाजवादी’ टिप्पणी पर पलटवार :
बीजेपी सांसद की ‘नमाजवादी’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के पहले अध्यक्ष के पांच प्रस्तावक नमाजवादी थे। उन्होंने बीजेपी पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल जनता को असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहा है।
अखिलेश यादव के इन बयानों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां बीजेपी नेताओं ने उनके आरोपों को बेबुनियाद बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने केंद्र और राज्य सरकार से आतंकवाद पर ठोस जवाबदेही की मांग की है।

Editorial
Next Story
Related News
X
