TCS के शेयर धड़ाम; छंटनी पर CEO का बड़ा बयान
देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में सोमवार, 28 जुलाई को भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 1.13% फिसलकर 3,100.30 रुपये पर बंद हुए। बताया जा रहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी में बड़े पैमाने पर 12,000 या उससे अधिक कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिसके चलते निवेशकों में चिंता का माहौल है।

शेयर बाजार में TCS की स्थिति :
आज टीसीएस के शेयर की ओपनिंग 3,110.00 रुपये पर हुई, जो इसके पिछले बंद भाव 3,135.80 रुपये से कम थी। कारोबार के दौरान शेयर ने 3,118.00 रुपये का उच्चतम और 3,081.60 रुपये का न्यूनतम स्तर छुआ। बीते 24 घंटे में कुल 16,13,187 शेयरों का कारोबार हुआ, जिसका टर्नओवर 49,995.89 लाख रुपये रहा। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप 11.21 लाख करोड़ रुपये है, जबकि इसका बीटा 0.86 है, जो इसे व्यापक बाजार के मुकाबले कम अस्थिर बनाता है।
छंटनी पर CEO की सफाई :
कंपनी में छंटनी को लेकर AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) को जिम्मेदार ठहराए जाने की अटकलों पर टीसीएस के CEO और MD के. कृतिवासन ने सफाई दी। उन्होंने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा, “वर्कफोर्स में हो रही कमी के लिए AI को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ऐसा नहीं है कि हमारी प्रोडक्टिविटी अचानक 20% बढ़ गई है। यह छंटनी मुख्य रूप से तब होती है जब हमें स्किल मिसमैच दिखता है या लगता है कि हम किसी कर्मचारी को उचित प्रोजेक्ट पर नहीं रख सकते।”
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को अभी भी टैलेंटेड लोगों की जरूरत है और उन्हें ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया जारी रहेगी। कृतिवासन के अनुसार, छंटनी मुख्य रूप से मीडियम और सीनियर लेवल के कर्मचारियों को प्रभावित करेगी, साथ ही कुछ एंट्री-लेवल कर्मचारी जो लंबे समय से “बेंच” पर हैं, उनके लिए भी असर होगा।
क्यों हो रही है छंटनी ?
कंपनी के मुताबिक, यह कदम मौजूदा बिजनेस जरूरतों और वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा है। लक्ष्य यह है कि उपलब्ध प्रतिभा को सही प्रोजेक्ट्स पर लगाया जाए और कार्यकुशलता को बढ़ाया जाए। CEO ने कहा, “हमें यह देखना है कि किसे कहां काम पर रखना है और उसकी उपयोगिता कितनी है।”
भी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
निवेशकों और कर्मचारियों में चिंता :
छंटनी की खबरों ने न केवल कर्मचारियों में बल्कि निवेशकों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। कंपनी के शेयरों में आई गिरावट इसी अनिश्चित माहौल को दर्शाती है। हालांकि, TCS प्रबंधन का कहना है कि यह निर्णय कंपनी की दीर्घकालिक वृद्धि रणनीति को ध्यान में रखकर लिया गया है।
Editorial

Editorial

Next Story