पहलगाम आतंकी हमले के 97 दिन बाद भारतीय सेना को बड़ी सफलता हाथ लगी है। श्रीनगर के लिडवास इलाके में चलाए गए ऑपरेशन महादेव में सुरक्षाबलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। सेना का कहना है कि ये आतंकी पहलगाम हमले से जुड़े हुए थे और इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

भारत के सैन्य ऑपरेशन्स को कैसे मिलते हैं उनके नाम, कौन देता है? सुहाग  उजाड़ा तो निकला ऑपरेशन सिंदूर | Zee Business Hindi
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के 97 दिन बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को श्रीनगर के लिडवास इलाके में चलाए गए ऑपरेशन महादेव के तहत सुरक्षाबलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर कर दिया। यह अभियान उस आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चलाया गया, जो 22 अप्रैल के बैसरन घाटी नरसंहार के लिए जिम्मेदार माना जाता है। चिनार कॉर्प्स ने इस कार्रवाई की पुष्टि की और कहा कि इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
मारे गए आतंकी पहलगाम हमले से जुड़े ?
सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकियों की पहचान सुलेमान, यासिर और अली के रूप में हुई है। इनमें से सुलेमान और यासिर सीधे तौर पर पहलगाम हमले में शामिल थे। सेना ने हालांकि इनकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि “आतंकियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और विस्तृत जानकारी शाम तक साझा की जाएगी।” ये तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े माने जा रहे हैं।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद :
मुठभेड़ के बाद आतंकियों के पास से अमेरिकी M4 कार्बाइन, AK-47 राइफल, 17 राइफल ग्रेनेड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। सेना ने इलाके में भारी सुरक्षा तैनात कर दी है और पूरे क्षेत्र की गहन तलाशी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर सोमवार सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ था। इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने उन्हें घेरकर मार गिराया।
पहलगाम नरसंहार की यादें ताजा :
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6 किलोमीटर दूर बैसरन घाटी में हुए हमले में 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने वहां मौजूद पर्यटकों से उनकी धार्मिक पहचान पूछकर उन्हें गोली मार दी। इस हमले में 16 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था और पीड़ित परिवारों को अब भी इंसाफ का इंतजार था।
हमले के गुनहगार और इनाम :
हमले के दो दिन बाद 24 अप्रैल को अनंतनाग पुलिस ने हमले में शामिल तीन आतंकियों के स्केच जारी किए थे:
  • आदिल हुसैन ठोकर (अनंतनाग निवासी)
  • हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान (पाकिस्तानी)
  • अली उर्फ तल्हा भाई (पाकिस्तानी)
सूत्रों के मुताबिक हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस यूनिट का प्रशिक्षित कमांडो था, जबकि अली पर 20 लाख रुपये का इनाम था। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों में सुलेमान और अली वही पाकिस्तानी आतंकी हैं, जो इस हमले के मुख्य गुनहगार थे।
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NIA और सेना का लगातार अभियान :
हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस हमले से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। हालांकि जांच अभी जारी है, लेकिन अब तक की जानकारी से यह स्पष्ट हो रहा है कि ऑपरेशन महादेव उसी आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ चलाया गया जिसने बैसरन घाटी में नरसंहार को अंजाम दिया था।
सेना का सख्त संदेश :
भारतीय सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि पहलगाम हमले के जिम्मेदार सभी आतंकियों का सफाया किया जाएगा। इस ऑपरेशन को सेना के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे आतंकी नेटवर्क को करारा झटका लगा है और घाटी में शांति स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ा है।
Editorial

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