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लक्ष्मण रेखा पार न करें!; रिजिजू की विपक्ष को सख्त चेतावनी
By EditorialPublished on
ऑपरेशन सिंदूर पर होने वाली चर्चा से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को सख्त संदेश दिया। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को संसद में पाकिस्तान की भाषा बोलने से बचना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना के साहस और पराक्रम पर कोई सवाल नहीं उठना चाहिए और देशहित सर्वोपरि होना चाहिए।
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ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में होने वाली विशेष चर्चा से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार (28 जुलाई 2025) को विपक्ष को कड़ा संदेश दिया। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत की जवाबी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए रिजिजू ने हिंदू पवित्र ग्रंथ रामायण का हवाला दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा—“जब रावण ने लक्ष्मण रेखा पार की तो लंका जल गई। जब पाकिस्तान ने भारत द्वारा खींची गई लाल रेखा पार की तो आतंकवादी शिविरों को आग का सामना करना पड़ा।”
रिजिजू ने कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को आगाह करते हुए कहा कि वे भारत की संसद में पाकिस्तान की भाषा न बोलें। उनके अनुसार ऐसी किसी भी टिप्पणी से भारतीय सेना का मनोबल गिर सकता है और राष्ट्रहित को नुकसान पहुंच सकता है। रिजिजू ने कहा, “कांग्रेस से कहना चाहूंगा कि संसद में देशविरोधी बात न करें। कोई भी ऐसी बात न हो जिससे हमारी वीर सेना को ठेस पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर भारत के बदलते हुए चेहरे और नए आत्मविश्वास का प्रतीक है।”
कैलाश खेर का गाना भी किया शेयर :
अपने संदेश के साथ रिजिजू ने कैलाश खेर का एक गाना भी साझा किया, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर को भारत के “आन, बान और स्वाभिमान” के लिए समर्पित बताया गया है। एक मिनट की इस वीडियो क्लिप की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान से होती है, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन को “देश की हर मां, बहन और बेटी” को समर्पित किया। रिजिजू का कहना है कि यह ऑपरेशन सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि देश के सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है।
संसद में बहस की तैयारियां :
सोमवार को लोकसभा में इस विषय पर 16 घंटे की विशेष बहस निर्धारित की गई है, जबकि मंगलवार (29 जुलाई) को राज्यसभा में भी इतनी ही अवधि तक चर्चा होगी। विपक्ष लंबे समय से ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग कर रहा था और इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की बात कर रहा था।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकी हमले का जवाब
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करते हुए कड़ा जवाब दिया। इस कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया, जिसे देश की जनता ने व्यापक समर्थन दिया।
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विपक्ष पर रिजिजू का सीधा निशाना :
रिजिजू का बयान उस समय आया है जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल ऑपरेशन सिंदूर पर पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस कार्रवाई से जुड़े कई अहम तथ्यों को सार्वजनिक नहीं कर रही। रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि वे ऐसे बयान देने से बचें जो देश के दुश्मनों को ताकत दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ भारत की सैन्य क्षमता का प्रतीक है, बल्कि यह उन सभी को चेतावनी है जो भारत की सीमाओं का उल्लंघन करने की कोशिश करेंगे।

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