साजिद रशीदी विवाद पर डिंपल यादव का बड़ा बयान!
समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने मौलाना साजिद रशीदी की अभद्र टिप्पणी को लेकर जारी विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और अब कानून अपना काम करेगा। उन्होंने मौलाना की टिप्पणी को महिलाओं की गरिमा पर हमला बताते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी अस्वीकार्य है।
बीजेपी पर भी साधा निशाना :
डिंपल यादव ने मौजूदा राजनीतिक माहौल को लेकर बीजेपी पर भी निशाना साधा। एनडीए सांसदों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, “बेहतर होता अगर वे मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं के समय ही विरोध करते। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भाजपा नेताओं ने हमारे सशस्त्र बल अधिकारी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की, उस समय उनका विरोध कहां था?” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ऐसे मुद्दों पर राजनीति कर रही है और असली समस्याओं से जनता का ध्यान भटका रही है।
FIR दर्ज, पुलिस की कार्रवाई शुरू :
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब मौलाना साजिद रशीदी ने एक टीवी बहस के दौरान डिंपल यादव के हालिया मस्जिद दौरे को लेकर अनुचित और भड़काऊ टिप्पणी की। शिकायतकर्ता प्रवेश यादव की तहरीर पर रविवार शाम लखनऊ के विभूति खंड थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, रशीदी पर महिला विरोधी, अपमानजनक और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली टिप्पणियां करने का आरोप है।
महिला गरिमा और धार्मिक सौहार्द पर चोट :
प्रवेश यादव ने अपनी शिकायत में कहा कि मौलाना द्वारा सोशल मीडिया और राष्ट्रीय टेलीविजन पर दिए गए बयान न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि समाज में जानबूझकर अशांति और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश हैं। इन बयानों को सुनकर व्यापक जन आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
सपा नेता का कड़ा रुख :
डिंपल यादव ने कहा कि किसी भी महिला के सम्मान के खिलाफ की गई टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि कानून इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा और दोषियों को सजा मिलेगी। उन्होंने अपील की कि ऐसे बयानों को बढ़ावा न दिया जाए और समाज में भाईचारे की भावना को कायम रखा जाए।
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विवाद के राजनीतिक मायने :
इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में गर्मी बढ़ा दी है। बीजेपी इस विवाद को लेकर सपा पर निशाना साध रही है, जबकि सपा ने इसे बीजेपी की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। डिंपल यादव के इस बयान से साफ है कि वह अपनी छवि और महिला गरिमा के मुद्दे पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं।
Editorial

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