भारत ने पांच साल बाद चीनी नागरिकों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण निलंबित की गई पर्यटक वीजा सेवा अब फिर से शुरू होने जा रही है। लंबे इंतजार के बाद चीनी नागरिकों को भारत आने के लिए वीजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा और पर्यटन में नई रौनक लौटने की उम्मीद है।


वीज़ा बहाली से भारत-चीन संबंधों में सुधार की उम्मीद..
भारत सरकार ने पांच साल के लंबे अंतराल के बाद चीनी नागरिकों को पर्यटक वीजा जारी करने की घोषणा की है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को बताया कि यह प्रक्रिया 24 जुलाई 2025 से फिर से शुरू होगी। मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान संक्रमण की रोकथाम के लिए भारत ने सभी पर्यटक वीजा अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए थे। इसके बाद से चीनी नागरिकों के लिए वीजा सेवा पूरी तरह बंद थी।
आवेदन प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज :
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि बीजिंग स्थित वीजा केंद्र में पासपोर्ट वापसी के लिए आवेदन करने पर एक विधिवत ‘पासपोर्ट विदड्रॉल लेटर’ अनिवार्य होगा। महामारी के दौरान लागू पाबंदियों और जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों के बीच यात्राएं और आपसी संपर्क लगभग ठप पड़ गए थे। बीते वर्षों में चीन ने भारतीय छात्रों और व्यापारियों के लिए वीजा जारी करना शुरू कर दिया था, लेकिन पर्यटक वीजा पर रोक जारी रही।
गलवान झड़प के बाद बिगड़े रिश्ते :
गलवान घाटी की घटना ने दोनों देशों के संबंधों को 1962 के युद्ध के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था। हालांकि बाद में कई दौर की कूटनीतिक और सैन्य बातचीत हुई, जिसके बाद पैंगोंग झील, गलवान और हॉट स्प्रिंग्स जैसे तनावग्रस्त क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी संभव हो पाई। अक्टूबर 2024 में देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों से भी सेनाएं पीछे हटाने पर सहमति बनी। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रूस के कज़ान में बैठक हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
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लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर ज़ोर :
भारत और चीन दोनों अब द्विपक्षीय रिश्तों को सुधारने और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके तहत सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने और कैलाश मानसरोवर यात्रा को बहाल करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। यह यात्रा भी कोविड-19 महामारी के चलते बंद हो गई थी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा था कि भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पर्यटक वीजा सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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