मुंबई लाइफलाइन बनी काल; चलती ट्रेन से गिरे यात्री, दर्दनाक मंजर
महाराष्ट्र के मुंब्रा रेलवे जंक्शन पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने मुंबई लोकल ट्रेन प्रणाली में भीड़भाड़ और सुरक्षा की खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया। सुबह 9:20 से 9:30 के बीच ऑफिस आवर्स के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ के कारण धक्का-मुक्की मची और इस अफरातफरी में कुल 8 यात्री चलती ट्रेन से नीचे गिर गए। इनमें से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
क्या हुआ था हादसे के समय ?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना उस वक्त हुई जब कसारा से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर जा रही एक तेज लोकल ट्रेन मुंब्रा जंक्शन पर रुकी थी। ऑफिस जाने की हड़बड़ी में यात्रियों की भीड़ ने ट्रेन में चढ़ने की जल्दबाजी की, जिससे प्लेटफॉर्म और ट्रेन के दरवाजों के पास धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कई यात्री ट्रेन के दरवाजे पर लटककर यात्रा कर रहे थे।
इस दौरान, पास वाले ट्रैक पर खड़ी लोकलके डिब्बों से टकराकर कुछ यात्री नीचे गिर पड़े। यात्रियों के बैग या शरीर की हल्की टक्कर के कारण संतुलन बिगड़ा और वे ट्रैक पर गिर गए। कुल 8 लोग गिरे, जिनमें से 5 की मौके पर ही मौत हो गई।
क्या बोले अधिकारी ?
सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता स्वप्निल नीला ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना सुबह करीब 9:30 बजे की है और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। एंबुलेंस करीब 9:50 बजे मौके पर पहुंच गई थी। घायलों को छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल, कलवा में भर्ती कराया गया है।
हादसे के तुरंत बाद रेलवे पुलिस, चिकित्सा टीम और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आपदा प्रबंधन अधिकारी यासीन तड़वी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्री मालगांवकर, और संजय वाघुले ने स्थिति का जायजा लिया। कलवा पुलिस थाना प्रभारी भी मौके पर मौजूद रहे।
बढ़ती भीड़ और लोकल ट्रेन की लचर सुरक्षा :
मुंबई की लोकल ट्रेनें ‘जनता की जीवनरेखा’ मानी जाती हैं, लेकिन आए दिन इनमें हो रही दुर्घटनाएं अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। हर दिन लाखों लोग इन ट्रेनों से दफ्तर और घर का सफर करते हैं। सीमित कोच और अत्यधिक भीड़ के कारण यात्री अक्सर दरवाजों से लटककर सफर करने को मजबूर होते हैं, जो सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो रहा है।
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क्या है आगे की कार्रवाई ?
ठाणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने भी इस दुर्घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और रेलवे कर्मचारियों की रिपोर्ट के आधार पर हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।
हालांकि, यह सवाल अभी भी बरकरार है कि आखिर कब तक यात्री जान हथेली पर लेकर लोकल ट्रेनों में सफर करते रहेंगे? रेलवे की ओर से बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की सख्त जरूरत है ताकि ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Editorial

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