AGM में अडानी का विज़न; 2030 तक 100 गिगावॉट का टारगेट
अडानी समूह की वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान मंगलवार को चेयरमैन गौतम अडानी ने भारत के ऊर्जा भविष्य और राष्ट्रीय मजबूती पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि अडानी ग्रीन एनर्जी दुनिया का सबसे बड़ा अक्षय ऊर्जा पार्क बना रही है, जो अंतरिक्ष से भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी, पंप हाइड्रो और थर्मल कैपिसिटी को मिलाकर अडानी समूह की उत्पादन क्षमता 2030 तक 100 गीगावॉट तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
गौतम अडानी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती और शांति के साथ खड़ा है। उन्होंने मिडिल ईस्ट के मौजूदा तनाव का ज़िक्र करते हुए कहा कि जब दुनिया अस्थिरता से जूझ रही है, तब भारत स्थिरता और नेतृत्व का प्रतीक बन रहा है। उन्होंने कहा, “जब हौसला हो, तो फिर फासला क्या है।”
प्रचलित मुहावरे का हवाला देते हुए अडानी बोले, “लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती।” उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना के ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का जिक्र करते हुए जवानों की सराहना की और कहा कि यह मिशन दुश्मन को कड़ा संदेश देगा। “इतिहास हमेशा लड़ने वालों को याद रखता है,” उन्होंने जोड़ा।
अडानी ने कहा कि देश न केवल शांति की अहमियत जानता है, बल्कि समय आने पर जवाब देना भी अच्छे से जानता है। उन्होंने धारावी पुनर्विकास परियोजना को "बड़ा मिशन" बताया और कहा कि यह अडानी समूह की सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
ऊर्जा क्षेत्र में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस की उपलब्धियों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटरिंग और हाई-वोल्टेज लिंक के माध्यम से देश के भविष्य के ग्रिड को तैयार किया जा रहा है, जिससे 44,000 करोड़ रुपये के ट्रांसमिशन ऑर्डर मिले हैं।
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अडानी पावर ने भी बड़ी छलांग लगाई है – 100 बिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का आंकड़ा पार करते हुए यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली निजी क्षेत्र की कंपनी बनी है। गौतम अडानी ने कहा कि समूह 2030 तक 31 गीगावॉट उत्पादन क्षमता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने अपने संबोधन को इस प्रेरणादायक पंक्ति पर समाप्त किया – “हम वो समूह हैं जो बाधाओं से इतर सपने देखने की हिम्मत करता है।”
Editorial

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