बिहार से ललकार: पीएम मोदी का आतंकवाद पर प्रहार; दिया नया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के काराकाट में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए आतंकवाद, नक्सलवाद और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ भारत की आक्रामक नीति का दमदार संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि वह आज बिहार एक वचन पूरा करने के बाद आए हैं उस वचन का, जो उन्होंने पिछले आतंकी हमले के बाद इस धरती से दिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा, "जब बिहार आया था तो वादा किया था कि जिन लोगों ने हमारी बेटियों का सिंदूर उजाड़ा है, उन्हें मिट्टी में मिला देंगे। आज उसी वचन को निभाने के बाद फिर बिहार की धरती पर आया हूं।" उन्होंने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस कार्रवाई में भारत ने आतंक के आकाओं के ठिकानों को खंडहर में बदल दिया है।
उन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की याद दिलाते हुए कहा कि उस हमले में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे। उस दिन के बाद ही उन्होंने बिहार आकर देश को संकल्प दिलाया था कि भारत चुप नहीं बैठेगा। "हमने आतंक के आकाओं को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा दी है। ये नया भारत है, जो चुप नहीं बैठता, जवाब देता है — वह भी करारा," पीएम मोदी ने कहा।
प्रधानमंत्री ने बीएसएफ (BSF) के जवानों के पराक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ के जवानों ने जो शौर्य दिखाया है, वह अभूतपूर्व है। हमारी सीमाएं अब अभेद्य दीवार जैसी हैं। जो भारत की ओर आंख उठाएगा, उसे जवाब मिलेगा।"
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत ने अभी अपने तरकश से सिर्फ एक तीर निकाला है। "दुश्मन समझ लें, अगर आतंकवाद का फन फिर उठेगा, तो हम उसे बिल से खींचकर कुचलने में देर नहीं करेंगे। हमारी लड़ाई सिर्फ सीमा पार से नहीं है, देश के भीतर छिपे दुश्मनों से भी है।"
नक्सलवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि "कुछ साल पहले तक सासाराम, कैमूर और आस-पास के क्षेत्रों में हिंसा और आतंक का बोलबाला था। लेकिन 2014 के बाद हालात बदले हैं। हमने माओवादियों को उनके किए की सजा दी है। जो संविधान और लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते थे, उन्हें हमने कानून के कटघरे में लाया है।" उन्होंने वीर कुंवर सिंह और बिहार के जवानों को नमन करते हुए कहा कि यह धरती हमेशा से बलिदान और पराक्रम की मिसाल रही है।
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"शांति से ही विकास होता है, और विकास ही आतंकवाद को खत्म करने का सबसे सशक्त उपाय है। बिहार के लोगों ने देखा है कि जब सरकार ठान लेती है, तो बदलाव संभव होता है। आज का भारत निर्णायक है, सशक्त है और अपना वचन निभाना जानता है," पीएम मोदी ने अपने भाषण के अंत में कहा।
Editorial

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