Attack on Tikait Sparks Tension Before Maha Panchayat
5/3/2025 3:12:26 PM
मुजफ्फरनगर में प्रस्तावित महापंचायत से पहले किसान नेता राकेश टिकैत पर कथित हमले और धक्का-मुक्की ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता राकेश टिकैत ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश बताते हुए दावा किया कि उनके साथ हुई अभद्रता के पीछे कोई "गैंग" काम कर रहा है। टिकैत ने कहा कि जन आक्रोश रैली में कुछ ऐसे लोग शामिल थे जिनका मकसद सिर्फ माहौल बिगाड़ना था। उन्होंने पुलिस पर चूक का भी संकेत देते हुए जांच की मांग की है।
राकेश टिकैत ने कहा, “अपने ही गृह जनपद में हमारे साथ पहली बार ऐसा हुआ है, जो नहीं होना चाहिए था। पुलिस को जांच करनी चाहिए कि गलती कहां हुई, और यह तय करना चाहिए कि क्या यह सुनियोजित था।” उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर अगर सरकार सख्त कदम उठाती है और अगर उनकी आवश्यकता महसूस होती है, तो वे पूरी तरह साथ खड़े होंगे।
सपा का खुला समर्थन, महापंचायत में दिखी विपक्ष की एकजुटता:
GIC मैदान में हो रही भाकियू की महापंचायत को समाजवादी पार्टी ने खुला समर्थन दिया है। सपा सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक अतुल प्रधान और अन्य वरिष्ठ नेता पंचायत में शामिल हुए हैं। पंचायत स्थल पर किसानों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो चुकी है, और टिकैत के अनुसार, यहीं से बड़ा फैसला लिया जाएगा।
सरकार पर सपा का वार– “धक्का-मुक्की की इजाज़त किसने दी?”:
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला है। सपा विधायक शाहिद मंजूर ने कहा कि, “देश में अगर कोई राकेश टिकैत जैसे व्यक्ति के साथ ऐसा कर सकता है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। छड़ी और डंडा मारने की जरूरत किसने दी? जबसे यह सरकार आई है, उद्दंडता और नफरत को खुली छूट मिल गई है।” उन्होंने कहा कि पहले रामजीलाल सुमन और अब टिकैत पर हमला बताता है कि अराजक ताकतें बेलगाम हो चुकी हैं।
महापंचायत से पहले हुई इस घटना ने राजनीतिक और किसान संगठनों दोनों के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जहां एक ओर टिकैत इस हमले को संगठित साजिश बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे सरकार की "छूट" का नतीजा करार दे रहा है। अब सबकी निगाहें महापंचायत में लिए जाने वाले संभावित बड़े फैसलों पर टिकी हैं।
Editorial

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