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VP Dhankhar का लखनऊ दौरा; A-1/5 का क्या है रहस्य?
By EditorialPublished on
लखनऊ में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का दौरा चर्चा का विषय बन गया है, खासकर लखनऊ के A-1/5 मकान को लेकर। यह मकान अचानक सुर्खियों में है, और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस वजह से उपराष्ट्रपति इस मकान का दौरा करने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि यह दौरा राजनीतिक या प्रशासनिक उद्देश्य से जुड़ा हो सकता है, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस रहस्यमयी यात्रा ने शहर में हलचल मचा दी है, और सभी की नजरें A-1/5 पर टिकी हैं।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (VP Jagdeep Dhankhar) आज लखनऊ के निशातगंज स्थित बाल्दा कॉलोनी के मकान नंबर A-1/5 पहुंचे, जहां उन्होंने 84 वर्षीय प्रोफेसर सुरेश चंद्र गुप्ता (Sureshchndra Gupta) से मुलाकात की। यह मुलाकात खासतौर पर इसलिए थी क्योंकि उपराष्ट्रपति ने कुछ समय पहले प्रोफेसर गुप्ता से मिलने का वादा किया था, जो आज उन्होंने निभाया। प्रोफेसर सुरेश चंद्र गुप्ता के साथ उपराष्ट्रपति की यह मुलाकात पहली बार नहीं हो रही है। दरअसल, उपराष्ट्रपति के सचिव, सुनील कुमार गुप्ता, जो 1985 बैच के बंगाल कैडर के आईएएस (IAS) अधिकारी हैं, और उपराष्ट्रपति की दोस्ती 2019 से शुरू हुई थी, जब वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। इस दौरान उन्होंने सुनील गुप्ता (Sunil Gupta) की ईमानदारी और काम के प्रति समर्पण को सराहा, जिसके बाद वे उन्हें दिल्ली बुलाकर अपना सचिव बना लिया।
प्रोफेसर गुप्ता का मेडिकल बैकग्राउंड:
प्रोफेसर सुरेश चंद्र गुप्ता केजीएमयू (KGMU) के मानसिक चिकित्सा विभाग से सेवानिवृत्त हैं। हाल ही में उनकी तबीयत बिगड़ी थी और उनका इलाज दिल्ली में चल रहा था। हालांकि, इस दौरान उपराष्ट्रपति ने कई बार उन्हें अस्पताल में जाकर देखा था, लेकिन बिमारी के कारण बातचीत कम हो पाई। एक वादा किया था कि जब भी लखनऊ आऊंगा, तो उनसे अवश्य मिलूंगा, और आज उपराष्ट्रपति अपने इस वादे को पूरा करने लखनऊ पहुंचे हैं।
मुलाकात की खासियत:
उपराष्ट्रपति और प्रोफेसर सुरेश चंद्र गुप्ता की मुलाकात का एक दिलचस्प पहलू यह था कि उनके घर जाने के लिए 24 संकरी सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इस बात का जिक्र जब प्रोफेसर गुप्ता की पत्नी श्याम जानकी ने उपराष्ट्रपति से किया, तो उन्होंने यह कहा कि "मैं अपने सचिव के पिता से मिलने जा रहा हूं, इसलिए मैं सीढ़ियां चढ़कर ही मिलूंगा।" यह उनका विनम्रता और शालीनता का प्रतीक था, जो प्रोफेसर गुप्ता के प्रति उनकी श्रद्धा को दर्शाता है।
नगर निगम की तैयारी:
उपराष्ट्रपति के दौरे से पहले नगर निगम की टीमें इलाके की सफाई और साज-सज्जा में जुट गई थीं। प्रोफेसर गुप्ता के घर के बाहर उपराष्ट्रपति के आगमन की रिहर्सल देखकर स्थानीय लोगों को अंदाजा हो गया था कि कोई प्रमुख व्यक्ति आने वाला है। उपराष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरी कॉलोनी में विशेष तैयारियां की गईं थीं। प्रोफेसर सुरेश चंद्र गुप्ता और उनके परिवार के सदस्य उपराष्ट्रपति के आगमन से बेहद खुश थे। उनकी पत्नी श्याम जानकी ने बताया कि वे इस मुलाकात को लेकर बहुत उत्साहित हैं और उपराष्ट्रपति के साथ उनका व्यक्तिगत संबंध एक बड़ी खुशी का कारण है।
उपराष्ट्रपति का यह लखनऊ दौरा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Anandi Ben Patel) की पुस्तक विमोचन के मौके पर हो रहा है। इस खास अवसर पर उपराष्ट्रपति ने न केवल अपने सचिव के परिवार से मुलाकात की, बल्कि उनका यह दौरा लखनऊ में एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ है।

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