Big Changes from May 1: Impact on Money and Travel
1 मई 2025 से कई ऐसे बदलाव लागू हो गए हैं जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती से जहां राहत मिली है, वहीं बैंकिंग सेवाओं और रोजमर्रा की जरूरतों में खर्च बढ़ा है। आइए जानते हैं उन पांच बड़े बदलावों के बारे में जो आज से लागू हो गए हैं।
1. कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (LPG) हुआ सस्ता :
आज से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत घटाकर ₹1747.50 कर दी गई है। अप्रैल में इसकी कीमत ₹1762 और मार्च में ₹1803 थी। यानी दो महीनों में कुल ₹55.50 की कमी हुई है। होटलों और रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होने वाले इस सिलेंडर के सस्ते होने से खाने-पीने की चीजों के दाम कम हो सकते हैं, जिसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिल सकता है।
2. एटीएम (ATM) से निकासी अब महंगी :
  • आज से एटीएम से मुफ्त लिमिट के बाद की निकासी महंगी हो गई है।
  • दूसरे बैंक के एटीएम से ट्रांजेक्शन पर अब ₹19 चार्ज देना होगा (पहले ₹17)
  • बैलेंस चेक पर ₹6 की जगह ₹7
  • एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने ट्रांजेक्शन चार्ज ₹23 प्लस टैक्स कर दिया है
  • पीएनबी (PNB) और इंडसइंड बैंक (Indusind Bank) में निकासी पर ₹23 का चार्ज तय किया गया है
3. अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतें बढ़ाईं :
1 मई से अमूल दूध के दाम प्रति लीटर ₹2 बढ़ा दिए गए हैं। मदर डेयरी ने भी अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में इजाफा किया है। इसका असर हर घर के बजट पर पड़ेगा, क्योंकि दूध और उससे बनने वाले अन्य उत्पाद अब महंगे हो जाएंगे।
4. रेलवे टिकट बुकिंग नियम में बदलाव :
अब वेटिंग टिकट केवल रेलवे कोटा में ही मान्य होगा। स्लीपर या अन्य कोच में वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करने पर टीटी द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है और यात्री को जनरल कोच में भेजा जा सकता है। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
5. एफडी (FD) पर घटे ब्याज दरें :
आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती के बाद कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में कटौती की है। इससे निवेशकों को अब कम रिटर्न मिलेगा। कुछ बैंकों ने ऊंची ब्याज दर वाली एफडी योजनाएं भी बंद कर दी हैं। 1 मई से लागू हुए ये बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डालने वाले हैं। जहां एक ओर रसोई गैस सस्ती हुई है, वहीं दूसरी ओर दूध, बैंकिंग सेवाएं और निवेश से जुड़ी योजनाएं महंगी हो गई हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप इन नए नियमों की जानकारी रखें और खर्च की योजना उसी के अनुसार बनाएं।
Editorial

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