Modi’s Masterstroke: Caste Census & Farmers’ Boost
केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कई ऐतिहासिक और अहम फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ब्रीफिंग के दौरान जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने अगली जनगणना के साथ देश में जाति आधारित जनगणना कराने का फैसला लिया है। इसके अलावा गन्ना किसानों के लिए FRP बढ़ाने और मेघालय-असम को जोड़ने वाले हाई स्पीड कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई है।
जाति जनगणना का फैसला, कांग्रेस पर हमला :
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने फैसला लिया है कि जाति जनगणना को मूल जनगणना का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि
"1947 के बाद से कांग्रेस ने कभी जाति जनगणना नहीं कराई, सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए राज्यों में जाति सर्वे कराए गए।"
उन्होंने यह भी कहा कि INDIA गठबंधन ने जाति के मुद्दे को सिर्फ वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया है, लेकिन मोदी सरकार इसे राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनाएगी।
गन्ना किसानों को राहत, FRP बढ़ा :
सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2025-26 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) बढ़ाकर ₹355 प्रति क्विंटल कर दिया है।
वैष्णव ने बताया, "यह एक बेंचमार्क मूल्य है, जिससे कम कीमत पर कोई भी मिल गन्ना नहीं खरीद सकती। इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।"
शिलॉन्ग-सिलचर हाई स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी :
कैबिनेट ने शिलॉन्ग से सिलचर तक 166.8 किमी लंबे 4-लेन हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है, जो मेघालय और असम को आपस में जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब ₹22,864 करोड़ आंकी गई है और इसे सिल्वर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा सामाजिक न्याय, किसानों की आमदनी और पूर्वोत्तर का विकास सरकार का यह कदम जहां जातिगत आंकड़ों पर नीतियों को मजबूती देगा, वहीं किसानों की आय में भी बढ़ोतरी लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, पूर्वोत्तर भारत के लिए हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर में यह निवेश क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नए स्तर पर ले जाएगा।
Editorial

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