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IndusInd संकट: Shear 3% फिसला; CEO ने छोड़ी कुर्सी
By EditorialPublished on
इंडसइंड बैंक के शेयरों में मंगलवार 30 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट देखने को मिली। बैंक के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सुमंत कठपालिया के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद शेयर करीब 3% तक टूट गया। बताया जा रहा है कि यह इस्तीफा बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो और अकाउंटिंग गड़बड़ियों को लेकर उठे सवालों के बीच दिया गया है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।

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30 अप्रैल 2025: इंडसइंड बैंक के शेयरों में मंगलवार को बाजार खुलते ही भारी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में बैंक के शेयर करीब 3% तक टूट गए, जिसकी प्रमुख वजह बैंक के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सुमंत कठपालिया का इस्तीफा रहा। यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ियों और गलत अकाउंटिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कठपालिया ने 29 अप्रैल को अपने त्यागपत्र में लिखा, "बैंक में हाल ही में कुछ गड़बड़ी और चूक हुई हैं। मैं उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं और अनुरोध करता हूं कि मेरा इस्तीफा आज के कामकाजी घंटे खत्म होने के बाद से स्वीकार किया जाए।" इससे पहले RBI ने उनके कार्यकाल को तीन साल की बजाय केवल एक साल के लिए बढ़ाया था, जिससे यह संकेत मिला था कि रेगुलेटर बैंक की लीडरशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
डिप्टी CEO भी हटे :
बैंक के डिप्टी सीईओ अरुण खुराना ने भी 28 अप्रैल को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बैंक की ओर से डेरिवेटिव ट्रेड्स की गलत अकाउंटिंग के चलते प्रॉफिट एंड लॉस पर नकारात्मक असर पड़ा है। अरुण खुराना ट्रेजरी फ्रंट ऑफिस की निगरानी कर रहे थे और सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा थे।
बोर्ड ने उठाए कदम, भारी नुकसान की आशंका :
26 अप्रैल को बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कहा था कि वे इस अकाउंटिंग चूक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने और सीनियर मैनेजमेंट की जिम्मेदारियों को पुनः व्यवस्थित करने के लिए 'आवश्यक कदम' उठा रहे हैं। बैंक ने स्वीकार किया है कि इस गड़बड़ी से उसकी नेटवर्थ पर 1,979 करोड़ रुपये का नकारात्मक असर पड़ा है। बैंक ने अनुमान जताया है कि दिसंबर 2024 तक नेटवर्थ पर 2.27% का असर देखने को मिल सकता है।
ब्रोकरेज हाउस ने दी चेतावनी :
ब्रोकरेज फर्म MK Global ने बैंक की रेटिंग ‘Add’ से घटाकर ‘Reduce’ कर दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि लगातार हो रहे इस्तीफों से बिजनेस में रुकावट, डिपॉजिट रन-डाउन का खतरा, और एसेट क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी चेताया कि RBI बैंक के बोर्ड में नॉमिनी भेज सकता है या फिर सरकारी बैंक के अनुभवी बैंकर को नया CEO नियुक्त कर सकता है — जैसा पहले RBL और Bandhan Bank में देखा गया है।
नए CEO की तलाश शुरू :
Emkay Global ने कहा है कि बैंक ने नए CEO और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, RBI की मंजूरी में 3 से 6 महीने का समय लग सकता है, जिससे बैंक के संचालन और रिकवरी दोनों पर असर पड़ने की आशंका है। NSE पर सुबह 10:55 बजे तक इंडसइंड बैंक के शेयर 2.44% की गिरावट के साथ ₹816.55 पर कारोबार कर रहे थे। इस साल अब तक बैंक के शेयरों में लगभग 16% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
(सूचना : यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।)

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